Stray Dogs: मेनका गांधी ने आवारा कुत्तों पर 'सुप्रीम' आदेश को गलत बताया, बोलीं- देश को बांट दिया

आवारा कुत्तों की देखभाल के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच सियासी जंग चल रही है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा था कि अगर केजरीवाल माफी नहीं मांगते तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उधर, आप दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पलटवार किया कि चाहे जितनी भी एफआईआर कर लें, लेकिन हम खामोश नहीं रहेंगे। आप और बीजेपी की इस सियासी जंग के बीच पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत बताया।
ओडिया के भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत के दौरान मेनका गांधी ने कहा कि जजों ने जो किया वो गलत है। उन्होंने देश को पशुओं को प्यार करने वाले और नफरत करने वाले दो हिस्सों में बांट दिया है। उन्होंने कहा कि पशु कल्याण अधिनियम बहुत अच्छा कानून है। उन्होंने कानून को नहीं हटाया। उन्होंने कह दिया कि आप कानून के खिलाफ काम करें। ये सही नहीं है।
#WATCH भुवनेश्वर(ओडिशा): पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश पर कहा, "जजों ने जो किया वो गलत है। उन्होंने देश को पशुओं को प्यार करने वाले और नफरत करने वाले दो हिस्सों में बांट… pic.twitter.com/yc7FURcXqL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 4, 2026
इस वजह से बढ़ा विवाद
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर सियासत थम गई थी, लेकिन आम आदमी पार्टी ने पिछले दिनों एक सर्कुलर जारी कर आरोप लगााया था कि दिल्ली के शिक्षकों को अब आवारा कुत्तों की देखभाल में लगाया जाएगा, जिससे शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। आप के इन आरोपों को खारिज करने के लिए दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद को स्वयं मीडिया के समक्ष आना पड़ा।
इसके बावजूद आप नेता लगातार हमले बोलते रहे, जिसके बाद झूठा प्रचार करने के आरोप में कार्रवाई शुरू हो गई। जब आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने भी आरोप लगाया तो शिक्षा मंत्री ने चुनौती दी कि या तो वह आदेश दिखाएं, जिसमें शिक्षकों को आवारा कुत्तों की देखभाल की जिम्मेदारी दी गई है या फिर माफी मांगे अन्यथा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
आशीष सूद की इस प्रतिक्रिया के बाद आप दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की असलियत सामने आ चुकी है, इसलिए एफआईआर करा रही है, लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सुर्कलर किसने जारी किया, यह शिक्षा निदेशालय या शिक्षा मंत्री को स्वयं बताना चाहिए।
