Pune Porsche Accident: 18 महीने से जेल में...पुणे पोर्श कार केस में सुप्रीम कोर्ट ने 3 आरोपियों को दी जमानत

Maharashtra News
X

पुणे के पोर्श कार दुर्घटना मामले में 3 आरोपी की जमानत। 

Pune Porsche Accident Case: पुणे के पोर्श कार दुर्घटना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 3 आरोपियों को जमानत दे दी है, यहां पढ़ें क्या है पूरा मामला..

Pune Porsche Accident Case: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के पुणे जिले के चर्चित पोर्श कार दुर्घटना मामले में आरोपी आदित्य अविनाश सूद को जमानत दे दी है। बता दें कि इस मामले 10 लोग आरोपी थी, जिसमें से आदित्य सूद एक मुख्य आरोपी था। इसके अलावा कोर्ट ने आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को भी जमानत रिहा करने का ऑर्डर दिया है। अदालत का कहना है कि आरोपी 18 महीने से जेल में बंद है, इसलिए इसे जमानत दी जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरा मामला साल 2024 में 19 मई का बताया जा रहा है। 19 मई की रात को एक नाबालिग नशे की हालत में पुणे के कल्याणी नगर इलाके में कार चला रहा था, उस दौरान आरोपी ने 2 आईटी प्रोफेशनल्स को कुचल दिया था, जिसकी वजह से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

सबूतों के साथ छेड़छाड़

पुलिस ने इस मामले में 19 अगस्त को 52 वर्षीय आदित्य अविनाश सूद और 37 वर्षीय आशीष सतीश मित्तल गिरफ्तार कर लिया था। इन पर आरोप था कि इन्होंने दुर्घटना के समय कार में मुख्य आरोपी नाबालिग के साथ मौजूद दो दूसरे नाबालिगों के ब्लड सैंपल की अदला-बदली करके सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है।

मामले में सुनवाई के दौरान आदित्य सूद की तरफ से सीनियर एडवोकेट प्रशांत पाटिल और एडवोकेट आबिद मुलानी पेश हुए। जमानत की पुष्टि करते हुए एडवोकेट प्रशांत पाटिल ने बताया कि कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ राहत दी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके क्लांइट जांच एजेंसी को पूरा सहयोग करेंगे। वहीं सबूतों के साथ भी किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

जश्न मनाने का मतलब गरीबों को कुचलना नहीं- कोर्ट

पुणे पोर्श हादसे पर जस्टिस बी वी नागरत्ना ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि 'जश्न मनाने का मतलब तेज रफ्तार में गाड़ी चलाकर फुटपाथ पर लोगों या गरीबों को कुचल देना नहीं होता।' उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह के हादसे सामने आए हैं, इसे रोकने के लिए कानून को सख्त बनाना होगा।

जस्टिस नागरत्ना ने आगे कहा कि 'इसमें सबसे ज्यादा जिम्मेदारी माता-पिता की है, वो बच्चों को ऐश करने के लिए पैसे दे देते हैं, माता-पिता के पास बच्चों से बात करने, उनसे बात करने और उनके साथ वक्त बिताने का समय नहीं होता, तो फिर वो इसकी भरपाई पैसे, एटीएम कार्ड देकर करते है।' बेंच ने ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों के अधीन आशीष सतीश मित्तल, आदित्य अविनाश सूद और अमर संतोष गायकवाड़ को जमानत दे दी है।

अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें। हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story