CJM Sambhal: जज विभांशु विभोर के ट्रांसफर से 'बवाल', सौरभ भारद्वाज ने 'बीजेपी' पर किया तीखा प्रहार

Saurabh Bhardwaj reaction on transfer of CJM Vibhanshu Sudhir
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संभल के सीजेएम विभांशु विभोर के तबादले पर आप नेता सौरभ भारद्वाज की तीखी प्रतिक्रिया। 

संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर ने एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद सीजेएम का तबादला हो गया, जिसके बाद वकीलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। अब यह मामला सियासी पारा भी चढ़ा रहा है।

उत्तर प्रदेश के संभल में सीजेएम विभांशु सुधीर के ट्रांसफर से दिल्ली की सियासत भी गरमा गई है। संभल के वकीलों ने आज विरोध प्रदर्शन कर सीजेएम को वापस लेने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती है, तब तक विरोध करते रहेंगे। उधर, आम आदमी पार्टी दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस घटना का जिक्र किया है। उन्होंने चार उदाहरण पेश करके बीजेपी सरकार पर 'तानाशाही' का आरोप लगाया है।

उन्होंने एक्स पर लिखा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मुरलीधर का तबादला रातोंरात कर दिया गया, जब उन्होंने दिल्ली दंगों में नफरत फैलाने वाले भाषण के लिए भाजपा के कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। दूसरे आरोप में कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता के पक्ष में फैसला सुनाने के बाद न्यायाधीश गीतांजलि गोयल का तबादला कर दिया गया।

तीसरे आरोप में कहा कि अरविंद केजरीवाल के पक्ष में फैसला सुनाने के बाद न्यायाधीश न्याय बिंदु का तबादला कर दिया गया। वहीं चौथे आरोप में कहा कि न्यायाधीश लोया का रहस्यमय ढंग से निधन हो गया।

संभल के वकील कर रहे प्रदर्शन

बता दें कि संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले के खिलाफ वकील प्रदर्शन कर रहे हैं। वकीलों की मांग है कि सीजेएम साहब को वापस लाया जाए। प्रदर्शन कर रहे वकीलों का कहना है कि सीजेएम ने संभल हिंसा मामले में एएसपी अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की, उलटा सीजेएम विभांशु सुधीर का अचानक तबादला कर दिया। वकीलों की मांग है कि उन्हें वापस लाया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो लगातार प्रदर्शन करते रहेंगे।

यह है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि 24 नवंबर 2024 को संभल हिंसा के दौरान यामीन नामक व्यक्ति ने अपने बेटे की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि उसके बेटे की मौत पुलिस की गोलियां लगने की वजह से हुई है। सीजेएम विभांशु सुधीर ने मामले की सुनवाई करते हुए 9 जनवरी 2020 को एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर करने का आदेश दिया था।

साथ ही, फर्जी एनकाउंटर मामले में भी 13 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस ने इस आदेश पर अमल करने की बजाए हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही। 22 जनवरी को एफआईआर दर्ज करने की समय सीमा खत्म होने से ठीक पहले ही 20 जनवरी की रात अचानक सीजेएम विभांशु सुधीर का सुल्तानपुर तबादला कर दिया गया। ऐसे में वकील इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं।

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