Rohini Court: पहलवान सागर धनकड़ हत्याकांड... रोहिणी कोर्ट ने सुशील कुमार की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

wrestler Sagar Dhankar murder case
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पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड में रोहिणी कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। 

ओलंपिक रजत पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार की जमानत याचिका पर रोहिणी कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

दिल्ली की रोहिणी अदालत ने ओलंपिक रजत पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुशील कुमार पर 2021 के सागर धनखड़ हत्याकांड का आरोप है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2025 में सुशील कुमार जमानत याचिका रद्द करके सात दिनों के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। जूनियर पहलवान सागर के पिता अशोक धनखड़ ने याचिका दायर कर सुशील कुमार की जमानत रद्द करने की अपील की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि गवाहों पर दबाव डाला जा रहा है और परिवार से भी समझौते का दबाव डाला जा रहा है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के 4 मार्च के आदेश को रद्द कर दिया था, जिसके तहत सुशील कुमार को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया था। अब सुशील कुमार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। बताया जा रहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय आज ही इस पर अपना फैसला सुना सकती है।

यह है पूरा मामला
सुशील कुमार पर जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप है। घटना 2021 की है। वारदात दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में अंजाम दी गई थी। सागर के पिता ने सुशील कुमार के अलावा उनके साथी पहलवानों पर भी मारपीट का आरोप लगाया था। बुरी तरह से घायल सागर की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने सुशील कुमार को अरेस्ट कर लिया था।

सुशील कुमार को इस आधार पर मिली थी जमानत
सुशील कुमार ने दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। उन्होंने दलील दी थी कि अभियोजन पक्ष के 222 गवाहों में से केवल 31 गवाहों से ही पूछताछ हुई है। बताया कि वे साढ़े तीन साल से ज्यादा समय कैद बिताने और ट्रायल जल्द पूरा होने की उम्मीद न होने को भी आधार बनाया था। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने लंबी कैद और मुकद्दमे की धीमी रफ्तार को देखते हुए सुशील कुमार को जमानत दे दी थी।

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