Ban on Vehicles in Delhi: दिल्ली एनसीआर में पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों पर लगेगा स्थायी बैन, जानिये पक्की तारीख

दिल्ली एनसीआर में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर हमेशा के लिए लग जाएगा प्रतिबंध।
दिल्ली एनसीआर में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से कई रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। इस कड़ी में एक तरफ जहां प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र को लेकर सख्ती बरती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पुराने वाहनों को कबाड़ में डालकर नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी दी जा रही है। इन्हीं प्रयासों के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा गठित एक विशेष समिति ने दिल्ली एनसीआर की सड़कों से पेट्रोल और डीजल के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए मसौदा प्रस्तुत किया है।
आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला की अध्यक्षता वाली समिति ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बीएस-I, बीएस-II और बीएस-III वाहनों को तत्काल हटाने की सिफारिश की है। वहीं अगले पांच वर्षों में बीएस-IV वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का सुझाव दिया है। बताया है कि बीएस-VI दोपहिया वाहनों को 2035 तक हटाया जा सकता है, जबकि बीएस-VI कारों को 2040 के तुरंत बाद हटाई जा सकती हैं।
2030 के बाद इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन होगा
मसौदे के मुताबिक, दिल्ली एनसीआर में 2030 के बाद पेट्रोल या डीजल की नई गाड़ी का भी रजिस्ट्रेशन नहीं होना चाहिए। केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण होना चाहिए। यही नहीं व्यवसायिक वाहनों के लिए नए वाहनों को 2027 से ही इलेक्ट्रिक होना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है।
इस प्रस्ताव के पीछे की वजह
इस प्रस्ताव के पीछे की वजह स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बताई जा रही हैं। समिति ने पाया कि जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 250 से ऊपर चला जाता है, तो इसका सेहत पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ता है। इसका संवेदनशील आबादी पर दीर्घकालीक प्रभाव पड़ सकता है। इसकी वजह से श्वसन संबंधी चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की बढ़ती मांग लोगों को आर्थिक रूप से भी प्रभावित करती है। इन सभी पहलुओं को देखते हुए समिति ने दिल्ली एनसीआर की सड़कों से पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह से हटाने की सिफारिश की है।
