Yuvraj Mehta Death: 'इतनी गहराई तक कैसे...,' इंजीनियर युवराज मेहता केस में SIT ने नोएडा प्राधिकरण से पूछे सवाल

Delhi News Hindi
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नोएडा सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता केस। 

Yuvraj Mehta Death Case: इंजीनियर युवराज मेहता डेथ केस में जांच एजेंसी SIT ने नोएडा प्राधिकरण से जवाब मांगे गए हैं।

Yuvraj Mehta Death Case: इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में SIT ने नोएडा प्राधिकरण से सवाल किए हैं। SIT ने सवाल किए है कि सेक्टर के बीच इतनी गहराई तक खुदाई और जलभराव कैसे हो गया। अगर इस मामले में अगर खनन विभाग ने खुदाई की NOC दी है, तो इसका भी ब्योरा उपलब्ध करवाना जरूरी है।

युवराज मेहता की जिस गड्ढे में गिरकर मौत हुई थी, उसकी खुदाई को लेकर SIT ने जानकारी मांगी थी, जिसकी जानकारी विभागों को भेज दी गई है। जानकारी में ऐसा बताया गया है कि गड्ढे की गहराई जलभराव समेत 55 से 70 फीट रहने की संभावना है।

जिम्मेदार अधिकारियों के मांगे जवाब

प्राधिकरण ने जवाब में वर्क सर्कल-10 के जेई एई का नाम दिया था। SIT ने जीएम और सीनियर प्रबंधक की जिम्मेदारी पर भी जवाब मांगा है। सड़क सुरक्षा को लेकर व्यवस्था ना होने पर नोएडा ट्रैफिक सेल से जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है, उनके नाम नाम मांगे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन सवालों के जवाब प्राधिकरण की तरफ से भेजे जाएंगे।

घटनास्थल पर बना भूखंड स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 में सब-डिवीजन के बाद निकाला गया ए-3 भूखंड है। नोएडा प्राधिकरण की तरफ से 27185 वर्ग मीटर के इस प्लाट पर 2017 में 12 मंजिल इमारत बनाने के नक्शे को पास किया गया था। प्राधिकरण ने इसमें एक बेसमेंट बनाने की मंजूरी दी थी। जिनमें नक्शे के तहत 644 वाहनों के मुताबिक पार्किंग बनाई जानी थी। SIT ने प्राथमिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।

गहराई से हुई खुदाई को लेकर प्राधिकरण ने खनन विभाग की NOC का हवाला दिया है। ऐसा भी कहा गया है कि सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। बिल्डर को नियोजन, वर्क सर्कल और जल विभाग ने लेटर भेजने की सूचना दी है।

SIT जांच के 11 दिन बीत गए हैं, जिसमें 250 से ज्यादा पुलिस-प्रशासन-प्राधिकरण के कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की गई है। युवराज मेहता की मौत के बाद से प्राधिकरण घटना स्थल के आसपास सुरक्षा के इंतजाम करने में जुटा है। लोहे के बैरिकेडिंग के बाद कंक्रीट की स्लैब और अब नाले के किनारे क्रैश बैरियर लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

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