Lalitha Viral Video: ललिता के अश्लील वीडियो का लिंक वायरल, कस्टमर्स की बढ़ी परेशानी

तेलंगाना पुलिस ने पिछले महीने ललिता और उसके पति को किया था अरेस्ट।
सोशल मीडिया पर फिर से Lalita Viral Video के लिंक की तलाश शुरू हो चुकी है। जो भी ललिता वायरल वीडियो के लिंक को देखता है, तो कैप्शन पढ़ते ही उस पर क्लिक करने को विवश हो जाता है। कारण यह है कि लिंक के साथ जो कैप्शन दिया जाता है, उससे लगता है कि आखिरकार ललिता का वायरल वीडियो देखने को मिल जाएगा। लेकिन, इस लिंक को क्लिक करने वाले पछता रहे हैं। दरअसल, arohi mim viral video और alina amir viral video बनाकर लोगों से साइबर धोखाधड़ी की जा रही है। अब सवाल उठता है कि क्या ललिता वायरल वीडियो हकीकत में उपलब्धा है या नहीं, तो इसका जवाब बताने से पहले बताते हैं कि ललिता कौन है और किस वजह से उनका वीडियो वायरल हो रहा है।
ललिता वायरल वीडियो के पीछे की हकीकत
तेलंगाना की रहने वाली ललिता और उसके पति को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि ललिता अमीर लोगों को अपने झांसे में फंसाती और अपने फ्लैट में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाती। फ्लैट में स्पाई कैमरे भी लगे होते, जिसकी मदद से वीडियो रिकॉर्ड कर लेते। इसके बाद ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलते। पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि ललिता और उसके पति ने मिलकर 100 से ज्यादा लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने जब दोनों को रंगे हाथों धर दबोचा तो इस केस को नाम दिया गया ललिता हनीट्रैप।
अब इसी केस के नाम का इस्तेमाल कर ललिता वायरल वीडियो के लिंक उपलोड किए जा रहे हैं ताकि लोग इसे क्लिक करें ताकि उनसे साइबर ठगी को अंजाम दिया जा सके। ऐसे में सलाह है कि बिना सोचे समझे ललिता वायरल वीडियो के किसी भी लिंक को क्लिक न करें वरना बाद में आपको भी पछताना पड़ सकता है।
ललिता का असली वायरल वीडियो कहां मिलेगा
अब सवाल उठता है कि ललिता का असली वायरल वीडियो कहां मिलेगा। इसका जवाब पुलिस ने ही दिया था। पुलिस ने बताया कि ललिता और उसे पति की गिरफ्तारी एक बिजनेसमैन की शिकायत पर हुई थी। दोनों ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर 13 लाख रुपये हड़प लिए थे। इसके बाद पांच लाख रुपये और मांग रहे थे, जिसके बाद बिजनेसमैन ने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने छापा मारा तो उसके लैपटॉप पर 100 से ज्यादा लोगों के साथ अश्लील वीडियो मिले थे।
पुलिस ने बताया कि सभी वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। किसी भी वीडियो को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। जालसाज सच्ची घटना के भी झूठे वायरल वीडियो बनाते हैं और लिंक फैलाते हैं ताकि साइबर ठगी कर सकें। पुलिस ने लोगों से ऐसे जालसाजों से बचने की अपील की है।
