Delhi High Court: कुलदीप सिंह सेंगर की अपील पर रोजाना होगी सुनवाई, पीड़िता के पिता की मौत का मामला

दिल्ली हाईकोर्ट उन्नाव हिरासत के दौरान मौत के मामले की रोजाना करेगा सुनवाई।
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप केस के आरोपी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की अपील पर प्रतिदिन सुनवाई तय की है। हाईकोर्ट मामले की सुनवाई 11 फरवरी को करेगी। कुलदीप सेंगर ने हिरासत के मौत के मामले में अपनी दस साल की सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है। उनकी सजा निलंबित करने की याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पीड़िता ने दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया, जिसके बाद से पूरे देश की सियासत गरमा गई थी। मामला गरमाने के बाद सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। वहीं, पीड़िता ने भी अर्जी लगाकर आरोपी की जमानत पर रोक लगाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद सजा निलंबन की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
दिल्ली हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा
दरअसल, उन्नाव रेप केस की पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया था। ट्रायल कोर्ट ने उसे 10 साल की कठोर कारावास और दस लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने अब इस मामले में प्रतिदिन सुनवाई तय की है। मामले की सुनवाई के लिए 11 फरवरी की तिथि तय की गई है।
कुलदीप सेंगर ने दी थी ये दलील
इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर के अलावा उनके भाई अतुल सिंह सेंगर समेत पांच आरोपियों को दस साल की सजा दी गई थी। अदालत ने कहा था कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में नरमी नहीं बरती जा सकती। सेंगर ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पूर्व विधायक ने दलील दी कि वह इस केस में 9 साल की जेल काट चुका है, अब सिर्फ 11 महीने बाकी हैं। पीड़िता की तरफ से वकील महमूद प्राचा ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करने की अपील की। पीड़ित पक्ष ने भी कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत मिलने से अपने और अपने परिवार की जान को खतरा बताया था।
