JNU Protest: 'आरोपियों की जगह जेल...,' JNU में उमर खालिद-शरजील इमाम के समर्थन में नारेबाजी पर बोलीं ABVP
उमर खालिद-शरजील इमाम के समर्थन को लेकर ABVP ने जताया विरोध।
JNU Protest: दिल्ली दंगा 2020 साजिश मामले में बीते दिन यानी 5 जनवरी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में स्टूडेंट्स के एक समूह ने यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन किया और छात्रों द्वारा पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे भी लगाए गए हैं, जिसके बाद ABVP के छात्रों में इसे लेकर आक्रोश है।
मामले को लेकर JNU छात्रसंघ के संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने कहा, 'कल JNU में वामपंथी संगठनों ने प्रदर्शन किया उसमें JNUSU के चुने हुए पदाधिकारी भी शामिल थे, जिस तरह से वहां नारेबाजी हुई वो निंदनीय और शर्मनाक है। इस तरह के नारे भारतीय न्यायपालिका के खिलाफ हैं।'
उन्होंने आगे कहा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है, ये नाटक 1 साल से चल रहा है, उस पर पूर्ण विराम लग चुका है। कोर्ट ने आगे कहा कि ये प्रथम दृष्टया आरोपी बनते हैं इनकी जगह जेल में ही बनती है इन्हें छोड़ा नहीं जा सकता है, जो दिल्ली के दंगों के आरोपियों की जगह जेल में ही है।'
समर्थन करने वाले खुद आतंकवादी- पूर्व संयुक्त सचिव वैभव मीणा
मीणा ने यह भी कहा कि जो ऐसे लोगों के समर्थन में नारेबाजी करते हैं, वो खुद आतंकवादी नक्सली हैं। इन्होंने हर बार जब जब इनके आकाओं को सजा मिली है इन्होंने ऐसा किया है, जो JNU कैंपस में हुआ वो निंदनीय है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के संज्ञान में भी ये मामला है और प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि दोबारा ऐसा ना हो सके।
VIDEO | On controversial slogans being raised against PM Modi and Union Home Minister Amit Shah in Delhi's JNU, Jawaharlal Nehru University Students' Union (JNUSU) Joint Secretary Vaibhav Meena says, "The kind of sloganeering that took place yesterday, I myself saw it and heard… pic.twitter.com/iQzG3KLMXU
— Press Trust of India (@PTI_News) January 6, 2026
किसी को टारगेट नहीं किया-अदिति मिश्रा
जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा का कहना है कि 5 जनवरी 2020 को परिसर में हिंसा हुई थी, जिसका हर साल विरोध प्रदर्शन किया जाता है, कल भी इसी हिंसा को लेकर प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान सभी नारे वैचारिक थे और वे किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं थे, वे किसी को टारगेट करके नहीं लगाए गए थे।
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