JNU Violence: जेएनयू में हिंसा और तोड़फोड़ पर सर्कुलर जारी, प्रशासन ने स्टूडेंट्स को दी चेतावनी

जेएनयू प्रशासन ने हिंसा के खिलाफ सर्कुलर जारी किया है।
JNU Violence Circular: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सर्कुलर जारी करके स्पष्ट किया है कि हॉस्टलों के भीतर और आसपास हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले स्टूडेंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सर्कुलर में सभी हॉस्टलों को यूनिवर्सिटी और सरकार द्वारा तय नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।
जेएनयू प्रशासन के मुताबिक, हाल ही के महीनों में छात्रावास परिसरों में तोड़फोड़ और अव्यवस्था से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। सर्कुलर जारी करके सभी स्टूडेंट्स को चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी इस तरह की गतिविधि से दूर रहें, जिससे यूनिवर्सिटी या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता हो। अगर कोई स्टूडेंट इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 और दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2007 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लाइब्रेरी में हुई थी तोड़फोड़
बता दें कि पिछले साल नवंबर में डॉक्टर बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी में तोड़फोड़ का मामला सामने आया था, जहां स्टूडेंट्स ने फेस रिकग्निशन सिस्टम को उखाड़ दिया था, जिससे करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। जेएनयू छात्र संघ ने परिसर में सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
छात्र संघ ने उठाई मांग
छात्र संघ ने मुख्य सुरक्षा अधिकारी को लेटर लिखा, जिसमें कहा गया कि केसी मार्केट के पास एक बार फिर से हादसा हुआ था, जिसमें एक स्टूडेंट गंभीर रूप से घायल हो गया था, वहीं 3 साल पहले एक छात्र की जान भी जा चुकी है। छात्र संघ ने उत्तरी गेट से साबरमती टी-पाइंट के बीच स्पीड ब्रेकर बनाने, स्पष्ट साइनबोर्ड लगाने और आवासीय क्षेत्र में वाहनों की स्पीड 30 किमी प्रति घंटे तय करने की मांग उठाई है, ताकि स्टूडेंट्स की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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