Jamia Caste Abuse: जामिया यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर पर जातिसूचक टिप्पणी-मारपीट का आरोप, FIR दर्ज
जामिया के प्रोफेसर पर जातीय उत्पीड़न का आरोप।
Jamia Caste Abuse Case: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय से जातीसूचक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां पॉलीटेक्निक में अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर काम करने वाले शख्स ने सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पर जातीसूचक गाली, अपमान और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जामिया यूनिवर्सिटी के पॉलीटेक्निक विभाग में अपर डिवीजन क्लर्क की पोस्ट पर राम फूल मीणा काम करते हैं। राम फूल मीणा का कहना है कि इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर रियाजुद्दीन ने उन्हें जातिसूचक गालियां दी हैं, इसके अलावा उनके धर्म का अपमान और उनके साथ मारपीट भी की गई है।
पीड़ित ने पुलिस को क्या बताया ?
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित राम फूल ने बताया कि 13 जनवरी को डॉक्टर रियाजुद्दीन अचानक उनके ऑफिस आ गए और बेवजह जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली गलौच की गई है। जिसके बाद पीड़ित ने विश्वविद्यालय प्रशासन को मामले की लिखित शिकायत दी गई, लेकिन 2 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित का कहना है कि जब आरोपी रियाजुद्दीन को जब पता लगा कि उनकी शिकायत कर दी गई है, तो वह फिर से उनके ऑफिस पहुंचे और पीड़ित के साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान राम फूल के होंठ से खून निकलने लगा और आंख के नीचे सूजन आ गई, इसके बाद घायल कर्मी को मिया के अंसारी हेल्थ सेंटर में प्राथमिक इलाज के लिए भर्ती किया गया।
धर्मांतरण का आरोप नहीं-पुलिस
पुलिस का कहना है कि एक कर्मचारी ने सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पर जातीय उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि पुलिस ने इस मामले में धर्मांतरण के आरोप से इंकार किया है। पुलिस का कहना है कि ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि शिकायतकर्ता ने जबरन धर्मांतरण के किसी भी प्रयास के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया है। ऐसी खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत और बेबुनियाद हैं।’ पुलिस ने कहा कि ऐसी अफवाह माहौल को बिगाड़ सकती है। शिकायत के बाद जामिया प्रशासन ने रामफूल मीणा का तबादला विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में कर दिया है।
वायरल वीडियो से हमले का कनेक्शन नहीं
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि, ‘हमें अपने कर्मचारी की ओर से किसी मारपीट या जाति-आधारित घटना के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर हमले का जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि ऑनलाइन प्रसारित किए जा रहे वीडियो का किसी भी कथित हमले से कोई लेना-देना नहीं है।
SC/ST एक्ट में केस दर्ज
पीड़ित राम फूल मीणा ने मामले के बारे में उसी शाम रजिस्ट्रार कार्यालय में प्राचार्य के साथ जाकर शिकायत दर्ज करवा दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989 की धारा 3(1)(r) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
हालांकि अब तक इस मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस इस मामले में मेडिकल रिपोर्ट, शिकायत पत्र, गवाहों के बयान और विश्वविद्यालय से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रही है।
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