Greater Noida Accident: युवराज बच जाता... डिलीवरी एजेंट ने प्रशासनिक लापरवाही को ठहराया जिम्मेदार

Greater Noida Accident: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम होने के कारण शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ था। यहां एक इंजीनियर की कार खाली पड़े प्लाॅट में भरे पानी में गिर गई और इस हादसे में एक इंजीनियर की मौत हो गई थी। लेकिन अब इस मामले को लेकर एक डिलीवरी बॉय ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। डिलीवरी बॉय का कहना है कि अगर उस समय रहते मदद मिल जाती तो शायद वह बच जाता लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके अलावा उसने प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
लड़के का कहना है कि अगर युवराज को समय रहते निकाल लिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उसने आगे कहा कि युवराज गाड़ी में पड़ा मदद के लिए चिल्ला रहा था। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। वह सांस लेने के लिए तड़प रहा था। यह सब देखकर डिलीवरी वॉय ने अपनी कमर में रस्सी बांधी और पानी में कूद गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ऐसा कहना है डिलीवरी एजेंट मुनेंद्र का, जिसने इंजीनियर युवराज को बचाने की पूरी कोशिश की थी।
यह पूरा मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 का है। जहां शुक्रवार को देर रात गुरुग्राम से घर वापस लौट रहे इंजीनियर के साथ हादसा हुआ हो गया। उस दिन कोहरा अधिक होने की वजह से विजिबिलिटी बहुत कम थी। इसी वजह से उसकी कार अनियंत्रित होकर लगभग से 60 से 70 फीट गहरे गड्डे में जा गिरी, जिसमें पानी भरा हुआ था।
हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की काफी भीड़ लग गई और सूचना देकर पुलिस और फ्रायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर बुलाया। रात होने की वजह से फायर ब्रिगेड की टीम के लोग गड्डे में उतरने को तैयार नहीं हो रहे थे लेकिन इसी बीच वहां मोनिंदर पहुंचा और कमर में रस्सी बांधकर पानी से भरे गड्डे में युवराज को बचाने के लिए उतर गया। डिलीवरी बॉय ने मीडिया को बताया कि युवराज गाड़ी के अंदर लाइट जलाकर मदद के लिए चिल्ला रहा था उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। लेकिन जब तक डिलीवरी बॉय उसके पास पहुंचा तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
लगभग 5 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद युवराज को पानी से बाहर निकाला गया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना कि अगर ऐसा पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
