Delhi Patiala Court: चैतन्यानंद को पटियाला हाउस कोर्ट ने दी जमानत, फिर भी जेल से नहीं आएंगे बाहर

Swami Chaitanyanand Saraswati has been granted bail by the Delhi Patiala House Court
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स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने दी जमानत

Delhi Patiala Court: दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट केस में जमानत दे है। लेकिन इसके बाद भी अन्य आरोपों के चलते वह जेल में रहेंगे।

Delhi Patiala Court:दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने कोर्ट स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को एक केस में जमानत दे दी है। यह जमानत फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट केस में दी गई है। हालांकि छात्राओं से छेड़छाड़ और उन्हें गबन करने जैसे गंभीर मामले में रिहाई फिलहाल संभव नहीं है। कोर्ट ने पुलिस को जांच तेज करने और साक्ष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए है।

स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को 20 जनवरी 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट ने फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट के इस्तेमाल के मामले में बेल प्रदान की। कोर्ट ने इस मामले में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने का हवाला देते हुए जमानत मंजूर की। लेकिन स्वामी अभी भी जेल में रहेंगे, क्योंकि वे दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शृंगेरी मठ आश्रम से जुड़े यौन शोषण के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। इस आश्रम को वर्षों से धार्मिक और शैक्षिक केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन हालिया घटनाओं ने इसकी छवि को धूमिल कर दिया है।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश दिए कि वे जांच को तेज करें और सभी डिजिटल साक्ष्यों, जैसे फोन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स को सुरक्षित रखें। एडिशनल सेशंस जज दीप्ति देवेश ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं और जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।

स्वामी चैतन्यानंद पर आश्रम की 16 से 17 छात्राओं ने छेड़छाड़, अश्लील हरकतें करने, आपत्तिजनक संदेश भेजने और यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 16 में से 9 पीड़ितों के बयान दर्ज हो चुके हैं, जबकि शेष 7 छात्राओं के बयान जल्द दर्ज किए जाएंगे। सभी पीड़ितों के फोन फोरेंसिक जांच के लिए एफएसएल भेजे गए हैं।

आरोपी को 28 सितंबर 2025 को आगरा से गिरफ्तार किया गया था, जब वे फरार चल रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने अब तक आरोपी के कॉल रिकॉर्ड, इंस्टीट्यूट से जुड़े डिजिटल डेटा और सीसीटीवी फुटेज जब्त किए हैं। कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को जमानत याचिका पर सुनवाई की थी, जहां पुलिस ने बताया कि आरोपी का इंस्टीट्यूट पर पूर्ण नियंत्रण था।

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