Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो में 4 महिला पॉकेटमार को पुलिस ने किया गिरफ्तार, कई मोबाइल-पर्स बरामद
दिल्ली मेट्रो में महिला पॉकेटमार। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Female Pickpockets Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो में हो रही कई चोरियों में शामिल महिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह की 4 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि अब तक का यह दूसरा महिला गिरोह है, जो मेट्रो में लोगों जेब काटते हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल पर्स बरामद किए हैं।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान 45 साल की गीता, कोमल, नेहा, योगिता तीनों उम्र 22 साल है। चारों गिरफ्तार महिलाएं आनंद पर्वत के फरीदपुरी ट्रांजिट कैंप की रहने वाली हैं। मेट्रो ट्रेन में हुई एक चोरी के बाद दिसंबर में इस गिरोह को गिरफ्तार किया गया था।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया था कि आरके आश्रम मेट्रो के पास पर्स चोरी हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने गिरोह का पता लगाकर महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया था। शुरूआत में आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धारा 303 (चोरी) के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन बाद में इसमें धारा 112 (लघु संगठित अपराध) को भी कनेक्ट कर दिया गया था।
पुलिस ने इस गिरोह से पहले कठपुतली कॉलोनी की रहने वाली चार लोगों के एक दूसरे गिरोह में शामिल लक्ष्मी (40), संजना (22), संध्या (20) और जाह्नवी (22) के खिलाफ पिछले साल अगस्त में केस दर्ज कर लिया था। जांच में पता लगा था कि इस गिरोह का नेतृत्व लक्ष्मी कर रही थी, जो कम से कम 13 आपराधिक मामलों में शामिल एक आदतन अपराधी थी।
पिछले साल लक्ष्मी को निजामुद्दीन-सराय काले खान मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार करके पुलिस के हवाले कर दिया था। लक्ष्मी के बयान के बाद गिरोह के दूसरे सदस्यों को भी अरेस्ट किया गया था।
हर गिरोह में 5 महिलाएं
पुलिस का कहना है कि हर गिरोह में 4 से 5 महिलाएं होती थीं और मेट्रो में साथ सफर करती थीं। गिरोह की तीन से चार महिलाएं पीड़ित का ध्यान भटकाती थीं या उसे रोककर सामान को लोगों की नजरों से बचाती थीं, जबकि एक आरोपी महिला इसका फायदा उठाकर कीमती सामान चुरा लेती थी।
आंकड़ों में खुलासा
पुलिस के आंकड़ों की मानें तो पिछले साल 2025 में 11 दिसंबर तक मेट्रो में महिलाओं द्वारा की गई चोरी के 40 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें 51 गिरफ्तार हुए, वहीं 6 सक्रिय गिरोहों की पहचान की गई। साल 2024 में भी 48 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 67 महिला अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस उपायुक्त (मेट्रो) कुशल पाल सिंह का कहना है कि इस तरह की चोरी को रोकने के लिए महिला कर्मचारियों को महिला डिब्बों में गश्त के लिए तैनात किया जाता है, वहीं भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर पैदल गश्त भी कराई जाती है। संदिग्ध अपराधियों को पहचानने के लिए पहचान प्रणाली भी लागू की गई है।
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