Delhi News: दिल्ली में मौजूद है एशिया का सबसे बड़ा मसाला बाजार, मिलते हैं अच्छे और सस्ते मसाले

दिल्ली में मौजूद एशिया का सबसे बड़ा मसाला बाजार
Delhi News: अगर कभी दिल्ली की पुरानी गलियों में घूमे होंगे, तो वो तेज महक आपको जरूर याद होगी – इलायची, दालचीनी, लौंग, हल्दी और जीरे की खुशबू जो हवा में घुली रहती है। ये खुशबू सिर्फ दिल्ली तक नहीं रुकती, बल्कि विदेशों तक पहुंच जाती है। बात हो रही है खारी बावली की – एशिया का सबसे बड़ा मसाला बाजार।
बाजार का इतिहास
ये बाजार मुगल काल से चला आ रहा है। साल 1551 में ख्वाजा अब्दुल्ला लाजर कुरैशी ने यहां एक सीढ़ीदार कुआं (बावड़ी) बनवाया था। उस कुएं का पानी खारा था, इसलिए जगह का नाम पड़ा खारी बावली। "खारी" मतलब खारा पानी और "बावली" मतलब सीढ़ीदार कुआं। आज वो कुआं नहीं बचा, लेकिन बाजार मसालों की खुशबू से भरा पड़ा है।
कैसे पड़ा खारी बावली नाम
खारी बावली की खास बात ये है कि यहां मसालों की क्वालिटी टॉप क्लास होती है और कीमतें दिल्ली के दूसरे बाजारों से सस्ती होती हैं। कई दुकानें सैकड़ों साल पुरानी हैं – कुछ में मालिकों की 20वीं पीढ़ी तक यहां काम कर रही है। थोक व्यापारी ट्रक भरकर मसाले ले जाते हैं, छोटे दुकानदार मोलभाव करके खरीदते हैं। बाजार घूमने का सबसे अच्छा मौसम नवंबर से फरवरी तक है। सर्दियों में ठंडी हवा चलती है, भीड़ कम लगती है और महक का मजा दोगुना हो जाता है। बाजार सुबह 10 बजे खुलता है और शाम 8 बजे तक चलता है।
पहुंचने का आसान रास्ता
दिल्ली मेट्रो से चावड़ी बाजार स्टेशन पर उतरें। चांदनी चौक स्टेशन से भी पैदल आ सकते हैं। अपनी गाड़ी से जाने से बचें, क्योंकि यहां बहुत भीड़ होती है और पार्किंग मिलना मुश्किल है। पैदल चलते हुए मसालों के ढेर देखें, महक महसूस करें – ऐसा लगेगा जैसे पुरानी दिल्ली की कोई कहानी जीवित हो गई हो।
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