High Court: साइबर ठगी से जुड़े सिम कार्ड घोटाले में HC का फैसला, 2 डायरेक्टर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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दिल्ली हाईकोर्ट ने साइबर अपराध में दो डायरेक्टर की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। 

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने साइबर अपराध केस में 2 डायरेक्टर की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने साइबर अपराध से जुड़े सिम कार्ड घोटाले में कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने प्राइवेट कंपनी के 2 निदेशकों की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया है। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने धोखाधड़ी करके हजारों मोबाइल के सिम कार्ड हासिल करके, इनका इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़ी गतिविधियों में किया गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि यह फेक मैसेज और फर्जी लिंक के माध्यम से लोगों को ठगने वाले क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं। जिससे डिजिटल सुरक्षा और आम जनता का भरोसा गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। कोर्ट का कहना है कि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत देने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।

CBI ने लगाया आरोप

CBI की ओर से दर्ज इस मामले में आरोप लगाया गया है कि याचिकाकर्ताओं ने दूरसंचार विभाग के नियमों और KYC गाइडलाइंस का उल्लंघन करके टेलीकॉम कंपनी से थोक में सिम कार्ड को हासिल किया है। इसके लिए फर्जी एंड-यूजर डिटेल्स और फेक डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, जिसके बाद इन सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर क्राइम में किया गया है। आरोपियों ने लोगों को लोन, क्रेडिट सुविधा और दूसरी आर्थिक सुविधाओं का झांसा देकर SMS और शॉर्ट लिंक भेजे गए थे।

आरोपियों ने क्या कहा ?

सुनवाई के दौरान कोर्ट में आरोपियों ने अपने बचाव में कहा कि, इन सिम कार्ड को केवल SMS के लिए किया गया। सिम कार्ड का इस्तेमा वैध कार्यों के लिए किया गया, हालांकि कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया, और कहा कि कथित एंड-यूजर्स के बयानों से पता चलता है कि उनकी जानकारी के बिना पर उनके नाम पर सिम लिए और केवाईसी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया गया।

कोर्ट ने तकनीकी सबूतों का हवाला भी दिया, जिसमें कई IMEI नंबरों के माध्यम से SMS भेजने के बारे में पता लगा, जिससे पता लगता है कि नियमों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच अभी शुरुआती फेज में है और आरोपियों से कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है, जिसके आधार पर दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।

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