Drug Smuggling: दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 2 नाइजीरियन गिरफ्तार
दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट मामले में 2 नाइजीरियन गिरफ्तार।
Delhi Drug Smuggling: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करते हुए नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चला रहे थे, जिसका अब पर्दाफाश हो चुका है। कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 418 ग्राम कोकीन और 925 एमडीएमए (एक्स्टसी) टैबलेट बरामद कर लिया है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5 करोड़ रुपये कीमत बताई जा रही है।
क्राइम ब्रांच काफी लंबे वक्त से दिल्ली में सक्रिय ड्रग डीलिंग नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। बताया जा रहा है कि पिछले साला 2 दिसंबर को हेड कांस्टेबल संदीप कादियान को सूचना मिली थी कि नाइजीरियाई नागरिक फ्रैंक विटस, जो पहले भी NDPS मामलों में शामिल रहा है। फ्रैंक विटस एक बार फिर से साउथ दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कोकीन और एमडीएमए जैसी प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक ड्रग्स की सप्लाई करता हुआ देखा गया है।
सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच DCP हर्ष इंदौरा के निर्देश पर ACP डब्ल्यूआर-2 राजपाल डबस की निगरानी में इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत के नेतृत्व में खास टीम बनाई गई। टीम में SI राहुल, एसआई मनोज कुमार मीणा, एचसी संदीप कादियान, एचसी सुशील, एचसी मयंक, एचसी हरदीप, एचसी विनोद, एचसी भंवर, एचसी नवीन, एचसी दिनेश, एचसी गौरव और कांस्टेबल संदीप कलकल शामिल थे। टीम ने आरोपी पर कड़ी निगरानी रखी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फ्रैंक विटस के कब्जे से पुलिस को 418 ग्राम कोकीन और 910 एमडीएमए टैबलेट मिली हैं।
मेहरौली से गिरफ्तार हुआ दूसरा आरोपी
पूछताछ में फ्रैंक ने बताया कि वह दिल्ली और आसपास के राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई करता है। जांच के दौरान पुलिस को मेहरौली इलाके में रहे एक नाइजीरियाई नागरिक के बारे में पता लगा जिसका नाम संडे ओटू है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने संडे ओटू को गिरफ्तार कर लिया। संडे ओटू पिछले 2 साल से दिल्ली के सागरपुर में रह रहा था, और फ्रैंक को ड्रग्स की सप्लाई करता था।
पूछताछ में संडे ओटू ने बताया कि फ्रैंक की गिरफ्तारी के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, और हाल ही में महरौली आ गया था। संडे ओटू ने यह भी बताया कि इस पूरे सिंडिकेट का सरगना नाइजीरिया में बैठा है। ड्रग्स की डिलीवरी दिल्ली में रहने वाली एक अफ्रीकी महिला के माध्यम से करवाई जाती थी।
2012 फ्रैंक आया था भारत
फ्रैंक ने यह भी बताया कि साल 2012 में कपड़ों के व्यापार के लिए बिजनेस वीजा पर भारत आया था। साल 2015 में उसे NCB ने NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसका पासपोर्ट पटियाला हाउस कोर्ट में जमा है। 2024 में जब वह रिहा हो गया तो वह ककरोला रोड, हरि विहार में अकेला रह रहा था। जब उसे पैसों की जरूरत हुई तो उसने नाइजीरिया में रहने वाले ड्रग डीलर एलो चुक्वू से संपर्क कर लिया था। एलो चुक्वू की मदद से ही फ्रैंक दिल्ली में ड्रग्स सप्लाई कर रहा था।
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