Sajjan Kumar: पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को बड़ी राहत,1984 सिख विरोधी दंगा मामले में कोर्ट ने किया बरी
1984 सिख विरोधी दंगा मामले में कांग्रेस पूर्व सांसद सज्जन कुमार बरी।
Acquits Sajjan Kumar: दिल्ली की एक अदालत ने आज 22 जनवरी वीरवार को 1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद रह चुके सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। बता दें कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान दिल्ली के जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हिंसा हुई थी। मामले में कोर्ट के स्पेशल जज डिग विनय सिंह ने मौखिक रूप से एक संक्षिप्त आदेश सुनाते हुए सज्जन कुमार को बरी कर दिया। हालांकि अभी विस्तृत आदेश आना बाकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त 2023 अदालत ने सज्जन कुमार पर दंगा करने और दुश्मनी फैलाने का आरोप लगाया था। जबकि सज्जन कुमार को हत्या और आपराधिक साजिश के अपराधों से बरी कर दिया गया था। इस मामले में पहले विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने पिछले साल दिसंबर में सुनवाई पूरी हो जाने के बाद 22 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
आरोपी सज्जन कुमार ने बचाव में क्या कहा ?
आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि वह निर्दोष हैं, कभी इस मामले में शामिल नहीं थे। उन्होंने कोर्ट से यह भी कहा था कि वह सपने में भी ऐसे दंगों में शामिल होने का नहीं सोच सकते थे। सज्जन कुमार ने कहा था कि उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं हैं, उन्हें जांच एजेंसी ने जान बूझकर इस मामले में घसीटा है।
STORY | 1984 anti-Sikh riots: Delhi court acquits Sajjan Kumar in Vikaspuri, Janakpuri violence case
— Press Trust of India (@PTI_News) January 22, 2026
A Delhi court on Thursday acquitted former Congress MP Sajjan Kumar in a case related to inciting violence in Janakpuri and Vikaspuri areas in the national capital during the… pic.twitter.com/Vd5kmNQIWw
सज्जन कुमार के वकील ने क्या कहा ?
1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में पूर्व सांसद सज्जन कुमार के वकील अनिल कुमार शर्मा ने कहा, 'कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है क्योंकि विकासपुरी और जनकपुरी मामलों में उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका। हमने कोर्ट को बताया था कि उन्हें टारगेट किया गया था, क्योंकि उनकी मौजूदगी साबित नहीं हो सकी। अब तक किसी भी गवाह ने उनका नाम नहीं लिया था, लेकिन अब 36 साल बाद इन्होंने नाम लिया है।'
#WATCH दिल्ली: 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में पूर्व सांसद सज्जन कुमार के वकील अनिल कुमार शर्मा ने कहा, "कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है क्योंकि विकासपुरी और जनकपुरी मामलों में उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका। हमने कोर्ट को बताया था कि उन्हें टारगेट किया गया था,… https://t.co/sFhdrWUMK5 pic.twitter.com/wQwqaBthzB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 22, 2026
कोर्ट ने CBI से मांगा था जवाब
पिछले साल यानी नवंबर 2025 में सज्जन कुमार की अपील पर सुनवाई के दौरान दिल्ली कोर्ट ने CBI को नोटिस जारी किया था। CBI को जवाब देने के लिए कोर्ट ने अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 तय की थी। मामले में सज्जन कुमार को 25 फरवरी 2025 को उम्र कैद की सजा सुनाई थी, जिसे लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। सज्जन कुमार की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा था कि 'शुरुआत में उनका नाम FIR में दर्ज नहीं था बल्कि साजिश के तहत बाद में जोड़ा गया था।'
सज्जन कुमार पर दो FIR दर्ज
सिख विरोधी दंगे के दौरान जनकपुरी और विकासपुरी में जब हिंसा हुई थी, शिकायतों के आधार पर सज्जन कुमार के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पहली FIR जनकपुरी में हुई हिंसा से जुड़ी हुई थी, जिसमें 1 नवंबर 1984 को सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह हत्या कर दी गई थी। दूसरी FIR गुरबचन सिंह के मामले में दर्ज की गई थी, जिन्हें 2 नंवबर 1984 को विकासपुरी में जिंदा जला दिया गया था।
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