Delhi Auto Festival: 'आप गैर-जिम्मेदारी से...,' दिल्ली हाईकोर्ट में 'ऑटो फेस्टिवल' के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई

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दिल्ली हाईकोर्ट में ऑटो फेस्टिवल के खिलाफ याचिका पर सुनवाई। 

Delhi Auto Festival: दिल्ली हाईकोर्ट में ऑटो फेस्टिवल कार्यक्रम के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई है। यहां पढ़ें कोर्ड ने क्या दलीलें दी हैं...

Delhi Auto Festival: राजधानी में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण का कहर जारी है। इस बीच दिल्ली में 17 जनवरी को ओखला के NSIC मैदान में होने वाले कार और बाइक फेस्टिवल 'बर्नआउट सिटी' के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट में आज 15 जनवरी गुरुवार को याचिका को लेकर सुनवाई हुई है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शहर के एक डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से याचिका पर गौर करने के लिए कहा है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि दक्षिण-पूर्व के जिला न्यायाधीश इस पर जल्द फैसला ले सकते हैं।

याचिका के माध्यम से दावा किया गया है कि इस कार्यक्रम से इलाके में प्रदूषण की स्थिति और भी ज्यादा खरा हो जाएगी। याचिकाकर्ता का कहना है कि 'बर्नआउट सिटी' नाम के इस इवेंट में गाड़ियों के माध्यम से स्टंट दिखाएं जाएंगे, जिसकी वजह से गाड़ियों से ज्यादा मात्रा में धुआं निकलेगा और ज़्यादा ईंधन की खपत होने से वायु प्रदूषण की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाएगी।

याचिका अनुमान पर आधारित-हाईकोर्ट

याचिका पर आदेश देते हुए कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, याचिका में अपने दावे के समर्थन में किसी भी वैज्ञानिक डेटा या रिसर्च को शामिल नहीं किया गया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि,' आपके दावे के समर्थने में क्या आपके पास कोई डेटा है? क्योंकि इसमें कोई वैज्ञानिक आधार नहीं दिया गया है। ऐसे में यह याचिका आपके अनुमानों पर आधारित लग रही है। आप ज़्यादा RPM और ज़्यादा पेट्रोल खाने वाली गाड़ियों के कारण ऐसा अंदाज़ा लगा रहे हैं।'

बेंच ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू करने वाले CAQM को पार्टी नहीं बनाया है, इसके साथ ही उन्होंने सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल को याचिका ठीक से नहीं दी है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि 'डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को नोटिस नहीं दिया गया है कि, आप इतनी लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी से याचिका क्यों दायर करते हैं? कमीशन यहां पार्टी नहीं है।' कोर्ट का आदेश दिया कि 'मामले की खूबियों में जाए बिना, हम चाहते हैं कि दक्षिण-पूर्व के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रिट याचिका में उठाई गई शिकायत पर गौर करें, खासकर 4 जनवरी के रिप्रेजेंटेशन पर और उचित फैसला लें।'

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