Annapurna Bhandar Chandni Chowk: दिल्ली में 96 साल बाद अन्नपूर्णा भंडार पर लगा ताला, इंदिरा गांधी भी रहीं ग्राहक

Annapurna Bhandar Chandni Chowk: दिल्ली के दिल चांदनी चौक में स्थित एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मिठाई की दुकान 'अन्नपूर्णा भंडार' अब इतिहास बन चुकी है। यह दुकान 31 दिसंबर 2025 को हमेशा के लिए बंद हो गई। यह दुकान साल 1929 में स्थापित की गई थी। गुरुद्वारा सीस गंज साहिब के पास स्थित अन्नपूर्णा भंडार मुख्य रूप से असली बंगाली स्टाइल की मिठाइयों के लिए मशहूर थी, जैसे सैंडेश, रसगुल्ला और अन्य पारंपरिक मिठाइयां। आजादी से पहले के दौर से लेकर अब तक यह दिल्ली वालों के त्योहारों, खुशियों और रोजमर्रा की मिठास का हिस्सा रही है।
नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी रहे ग्राहक
दुकान की खासियत यह रही कि देश के बड़े-बड़े नेता इसके मुरीद थे। पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु जैसी हस्तियां यहां की मिठाइयां खाती और मंगवाती थीं। खास बात यह कि 1983 में जब भारत ने पहली बार वनडे क्रिकेट विश्व कप जीता, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारतीय टीम के लिए इसी दुकान से मिठाइयां मंगवाई थीं।
क्यों बंद हो रही है यह दुकान
दुकान चलाने वाले मुखर्जी परिवार और मकान मालिक के बीच लगभग तीन साल से किराए को लेकर कानूनी विवाद चल रहा था। मालिक ने बहुत ज्यादा किराया मांगा, जो व्यवसाय के लिए मुश्किल साबित हुआ। समझौता न होने के कारण दुकान को 31 दिसंबर 2025 को स्थायी रूप से बंद करना पड़ा। यह बंदी आर्थिक कारणों या ग्राहकों की कमी से नहीं, बल्कि संपत्ति विवाद की वजह से हुई।
पुरानी यादों का अंत
अन्नपूर्णा भंडार सिर्फ एक दुकान नहीं थी, बल्कि चांदनी चौक की पुरानी संस्कृति, बंगाली स्वाद और पीढ़ियों की यादों का प्रतीक थी। इसके बंद होने पर ग्राहकों, कर्मचारियों और खाने के शौकीनों में गहरा अफसोस है। कई लोग कह रहे हैं कि दिल्ली की एक अनमोल विरासत और स्वाद हमेशा के लिए खो गया।
