Anti-Sikh Riots 1984: 'सज्जन कुमार दोषी है, उसे फांसी हो...,' पूर्व कांग्रेस नेता की रिहाई पर पीड़ित परिवारों का फूटा गुस्सा
पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार की रिहाई से सिख विरोधी दंगा पीड़ित परिवारों का फूटा गुस्सा।
Anti-Sikh Riots 1984: दिल्ली की अदालत ने आज 22 जनवरी गुरुवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। ऐसे में कोर्ट के इस फैसले पर पीड़ित परिवारों ने असहमति जताई है। सज्जन कुमार के बरी हो जाने के बाद पीड़ित परिवारों का दर्द और आक्रोश देखने को मिला है। राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिग्विजय सिंह ने इसे लेकर फैसला सुनाया है, जिसके बाद अदालत परिसर में मौजूद पीड़ित के परिजनों ने आक्रोश जताया है।
सिख विरोधी दंगा मामले में कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए एक पीड़ित परिवार की एक महिला ने कहा कि, 'हम छोड़ेंगे नहीं, आगे जाएंगे। हमें इंसाफ चाहिए। सज्जन कुमार दोषी है, हम चाहते हैं इसे फांसी हो। वहीं एक अन्य महिला ने रोते हुए कहा कि उसके घर के 10 लोग मर गए थे, दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय है, अगर उन्हें बरी ही करना था, तो हमें इतने सालों तक इंतजार क्यों करवाया गया? हमारे बच्चों का क्या दोष था? घर के घर और परिवार के परिवार खत्म कर दिए गए।'
सिखों को चुन-चुन कर मारा
एक अन्य परिजन ने गुस्से और दुख के साथ सवाल उठाया, ‘जिसने सिखों को चुन-चुन कर मारा, उसे बरी कैसे किया गया? हमें इस बात का बहुत दुख है कि सज्जन कुमार को बरी किया गया। सरकार ने हमारे साथ झूठे वादे किए, मेरे घर के 10 लोग दंगों में मारे गए. हम केस लड़ेंगे, पीछे नहीं हटेंगे। पीड़ित परिवारों की एक महिला ने कहा, ‘हमें सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं थी’ हमें इंसाफ चाहिए। अगर यह दोषी नहीं है, तो इतने सालों तक जेल में क्यों रखा गया?
VIDEO | Survivors and family members of 1984 anti-Sikh riots victims express outrage and anguish following the acquittal of former Congress MP Sajjan Kumar in a case related to inciting violence in Janakpuri and Vikaspuri areas in Delhi.
— Press Trust of India (@PTI_News) January 22, 2026
"We thought we'd get justice. We've been… pic.twitter.com/jNS97nXFiz
मेरे पिता को मेरे आंखों के सामने जला दिया
हमारे परिवार के लोग दंगों में मारे गए. मेरे पिता को मेरी आंखों के सामने जला दिया गया। हमारा पूरा परिवार खत्म हो गया। अन्य पीड़ित ने कहा कि 'मैंने अपने पिता को जलते हुए देखा, इंसाफ का इंतजार था।' दोषी को बरी करके बहुत बड़ी गलती की गई है, हमें इंसाफ की उम्मीद थी, लेकिन आज तक नहीं मिली सरकार ने हमारे साथ भेदभाव किया है। दंगे में कई सदस्य उस दंगे में मारे गए. सज्जन कुमार को जिंदा रहने का भी अधिकार नहीं है, उसे फांसी दी जानी चाहिए।
#WATCH दिल्ली: पीड़ित परिवार की एक सदस्य ने कहा, "हम छोड़ेंगे नहीं, आगे जाएंगे। हमें इंसाफ चाहिए... यह(सज्जन कुमार) दोषी है। हम इसकी फांसी की मांग करेंगे।" pic.twitter.com/x6Y2IaTgct
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 22, 2026
न्याय के लिए लड़ाई करते रहेंगे
पूरा मामला साल 1984 में 31 अक्टूबर को भड़के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा है। बता दें कि उस दौरान प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख बॉडी गार्ड्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद दिल्ली समेत कई जगहों पर हिंसा भड़क उठी थी, सिखों का सरेआम कत्ल कर दिया गया था, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग, युवा सभी शामिल थे।
सज्जन कुमार के बरी होने से '1984 दंगों के पीड़ितों के परिवार सदमे में है, एक बेटी जिसने अपने पिता को जलते हुए देखा, एक पत्नी जो जवानी में विधवा हो गई, और एक आदमी जिसने 1984 के दंगों में अपने प्रियजनों को खो दिया। आज सभी न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पीड़ित के परिवारों का कहना है कि वे न्याय के लिए आगे भी लड़ाई जारी रखेंगे और इस फैसले के खिलाफ कानून का रास्ता अपनाएंगे।
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