करोड़ों की टंकी बनी पर पानी नहीं : चटकने से बचाने के लिए भरा जाएगा टैंकर से

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नगर निगम ने नई  पानी टंकी बनवाई है। अब तक इंटर कनेक्शन का काम शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में तेज गर्मी में नई टंकी को चटकने से बचाने टैंकर से पानी भरने की नौबत आ गई है। 

प्रदीप शर्मा - रायपुर। शहर के आउटर में स्थित विद्याचरण शुक्ल वार्ड के लभांडी और फुंडहर में लोगों की प्यास बुझाने खास अमृत मिशन के तहत करोड़ों खर्च कर नगर निगम ने नई पानी टंकी बनवाई, पर पानी पहुंचाने राइजिंग लाइन नहीं बिछा पाया। यही नहीं, नई पानी टंकी से इंटर कनेक्शन का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में तेज गर्मी में नई टंकी को चटकने से बचाने टैंकर से पानी भरने की नौबत आ गई है, क्योंकि नवा तालाब में पर्याप्त पानी नहीं है। फुंडहर की पानी टंकी में भी यही नौबत आई, जिसमें निगम के जिम्मेदारों ने फजीहत से बचने 4 माह पहले तालाब से पानी लाकर टंकी की टेस्टिंग कराई। पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड के लमांडी इलाके में नगर निगम आज तक लोगों के घरों में नई पानी टंकी से पीने का साफ पानी नहीं पहुंचा पाया।

इसी इलाके में स्थित आदर्श संकल्प सोसाइटी फेज 2 में सीवरेज का दूषित पानी बोरपंप में मिलने से 100 लोगों के डायरिया संक्रमण को लेकर बवाल मचा था। तब इस कालोनी से महज 1 किलोमीटर दूर 25 लाख लीटर क्षमता की नई पानी टंकी इसलिए लोगों के काम नहीं आ सकी, क्योंकि टंकी से पानी पहुंचाने अमृत मिशन वाले राइजिंग लाइन नहीं बिछा पाए। अब गर्मी में यह स्थिति है कि लभांडी बस्ती के अलावा, सूरजनगर, ब्रम्हदेव नगर सहित आसपास के कालोनी वासी बोरवेल भरोसे हैं। ब्रम्हदेव नगर में पानी की किल्लत होने से वहां लोगों की प्यास बुझाने रोज पानी टैंकर की जरूरत पड़ रही है।

सूख रहा नवा तालाब, गहरीकरण सौंदर्गीकरण का प्रस्ताव लंबित

लभांडी का नवा तालाब इस बार की गर्मी में सूखने की कगार पर है। तालाब के गहरीकरण और सौंदर्गीकरण का प्रस्ताव बनाकर जोन स्तर पर वार्ड पार्षद के माध्यम से भेजा गया। पार्षद धनेश बंजारे का कहना है, निगम कमिश्नर को 4 बार तालाब की सुध लेने ध्यान दिलाया, पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। 2 साल पहले भी गहरीकरण और पचरी निर्माण का काम कराया गया, पर आधा- अधूरा काम होने से इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाया।

टंकी खाली छोड़ने पर दीवार चटकने का खतरा लीकेज की आशंका

लभांडी में निर्मित पानी टंकी को यदि गर्मी में खाली छोड़ा जाता है, तो टंकी की दीवारें चटक जायेंगी, इससे लीकेज का खतरा बढ़ेगा। नई पानी टंकी को भरने राइजिंग लाइन नहीं बिछा पाने से इसमें फिल्टर प्लांट से पानी नहीं भरा जा सकता। पहले इस टंकी को भरने गांव के नवा तालाब से पानी लाकर भरने की तैयारी थी, पर वार्ड पार्षद धनेश बंजारे और स्थानीय रहवासियों ने गर्मी में तालाब के सूखने और निस्तारी का संकट का हवाला देते हुए इससे मना कर दिया। अब अमृत मिशन के अधिकारी पानी टंकी को चटकने से बचाने टैंकर से पानी लाकर नई टंकी में भरने की तैयारी में हैं।

फुंडहर की नई पानी टंकी बनी शोपीस राइजिंग लाइन नहीं बिछा पाए

लभांडी की तरह फुंडहर गांव में लोगों की प्यास बुझाने नगर निगम ने अमृत मिशन के तहत नई पानी टंकी का निर्माण कराया है, पर राइजिंग लाइन अब तक नहीं बिछ पाई। यहीं नहीं, लोगों के घरों तक इंटर कनेक्शन का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। ऐस में नई पानी टंकी केवल शोपीस बनकर रह गई है। इस गर्मी में इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पायेगा। हालांकि नई पानी टंकी का लोड जानने गांव के तालाब का पानी टंकी में भरकर हाइड्रो टेस्टिंग 4 माह पहले करा ली गई, पर राइजिंग लाइन बिछाने का काम लंबित है।

भेजा है प्रस्ताव

नगर निगम रायपुर के नोडल अधिकारी अमृत मिशन अंशुल शर्मा ने बताया कि, लभांडी और फुंडहर में नई पानी टंकी बनाने अमृत मिशन के तहत राशि मिली थी। फंड खत्म होने से राइजिंग लाइन बिछाने और इंटरकनेक्शन का काम नहीं हो पाया। इसके साथ ही स्कॉडा सिस्टम विकसित करना है। पंद्रहवें वित्त आयोग में इस कार्य के लिए 48 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा है।

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