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बैकुंठपुर जिले के छिंदडांड में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लाखों खर्च कर दिए गए। लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। 

प्रवीन्द्र सिंह-बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर जिले के छिंदडांड में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लाखों खर्च कर दिए गए। लेकिन इसके बाद भी छिंदडांड क्षेत्र के लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकारी पैसे का किस तरह से दुरूपयोग किया जाता है। यहां की हालात देखकर समझा जा सकता है। यहां पेयजल के नाम पर लाखों रूपए शासन के खर्च कर दिए गए हैं। लेकिन पेयजल सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। 

सुखी हुई पड़ी पानी टंकी 

यहां एक नहीं दो-दो योजनाओं के तहत लाखों रूपए पानी के लिए पानी में बहा दिए गए हैं। फिर भी लोगों की प्यास ठीक से नहीं बुझ रही है। लोगों को प्रतिदिन पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। छिंदडांड में हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी भी बनी हुई। इसमें करीब 52 परिवार के लोग निवास करते हैं। इसके अलावा काफी संख्या में निजी घर के लोग निवासरत हैं। देखने के लिए तो छिंदडांड में लाखों रूपए की बड़ी सी पानी टंकी बनी हुई है। लेकिन नियमों के चक्कर में उलझने के कारण पानी टंकी सूखी पड़ी हुई है। यहां लाखों खर्च करने के बाद भी नव निर्मित पानी टंकी सूखी पड़ी है। जिम्मेदारों के द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण ही यहां एक योजना सफल नहीं हो पाई और दूसरी योजना से राशि खर्च कर पेयजल पहुंचाने की कवायद की जा रही है। वह भी अब तक आधा-अधूरा है। इसके कारण छिंदडांड क्षेत्र के लोगों को एवं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोगों को पेयजल सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है। 

खुली पड़ी पाइप लाइन
खुली पड़ी पाइप लाइन

लाखों रूपए खर्च होने के बाद भी नहीं आ रहा पानी 

वर्षभर इस क्षेत्र के लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। जबकि छिंदडांड के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पहले जल आवर्द्धन योजना के तहत बड़ी राशि खर्च कर पानी टंकी और पाइप लाइन विस्तार कार्य कराया गया। इसके बाद फिर जल जीवन मिशन के तहत लाखों रूपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके बाद भी लोगों को दोनों में से किसी योजना के कार्य का लाभ नहीं मिल रहा है। जल आवर्द्धन योजना का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। वहीं जल जीवन मिशन योजना का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। छिंदडांड जो कि, तलवापारा पंचायत  का आश्रित ग्राम है। पहले ग्राम पंचायत को नगर पालिका बैकुंठपुर में शामिल किया गया था। लेकिन बाद में सभी नए जुड़े ग्राम पंचायतों को नगरीय निकाय से अलग कर पहले की तरह पंचायत बना दिया गया। यही वजह है कि, न तो जल आवर्द्धन योजना का लाभ मिल रहा है और न ही जल जीवन मिशन का ही।  

दो योजनाओं में लाखों फूंके फिर भी है सूखा

छिंदडांड में आवर्द्धन योजना के तहत बनी टंकी के निर्माण में लाखों रूपये फूंक दिए गए। इसके बाद भी अब तक टंकी सूखी पड़ी हुई है। ग्राम छिंदडांड को नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर में शामिल किया गया था। इसी दौरान नगर पालिका बैकुंठपुर के द्वारा वर्ष 2017-18 में 33 करोड़ रूपए जल आवर्द्धन योजना के लिए राशि स्वीकृत हुई। इससे छिंदडांड में विशाल पानी टंकी निर्माण के साथ पाइप लाइन का विस्तार कार्य कराया गया। इसके बाद छिंदडांड को फिर से नगरीय निकाय बैकुंठपुर से काटकर ग्राम पंचायत के अधीन कर दिया गया। इसके कारण जल आर्वधन योजना अधर में लटक गई है। वहीं अब ग्राम पंचायत जल जीवन मिशन के तहत कार्य कराना शुरू कर दिया। यही कारण है कि एक योजना मूर्तरूप नहीं ले पाई की दूसरी योजना से बड़ी राशि खर्च कर दी गई। 

समय पर पूरा नहीं हुआ काम 

हाउसिंग बोर्ड कालोनी के समीप नई टंकी निर्माण कार्य शुरू किया गया और पतली पाइप लाइन का विस्तार कराया गया। साथ ही नल के स्टैंड भी लगाए गए हैं। जिसका लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो पाया है। जबकि यह कार्य मार्च तक पूरा हो जाना था। निर्माण कार्य से संबंधी सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है। इस तरह नगर पालिका एवं ग्राम पंचायत के कारण छिंदडांड में किसी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा हैं। 
एक बोर के सहारे 52 परिवार  

छिंदडांड में वैसे तो बड़ी आबादी रहती है। लेकिन यहां बने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 52 परिवार के लोग रहते हैं। जिन्हें एक बोर के भरोसे ही पेयजल सप्लाई होती है। इसके कारण यहां के निवासियों को पेयजल की समस्या गर्मी, बरसात सभी मौसम में बनी रहती है। इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है।  

शासन को ध्यान देने की जरुरत 

इस ग्राम पंचायत के निवासी कुबेर साहू समेत अन्य कई लोगों ने कहा कि छिंदडांड में पहले से बने पानी टंकी और पाइप लाइन विस्तार को ग्राम पंचायत को हैंडओव्हर कर उसी टंकी से पेयजल सप्लाई किया जा सकता था। दूसरी योजना से राशि खर्च करने की जरूरत नहीं थी। यह शासन के रूपए की बर्बादी है। दूसरी योजना से कार्य कराने का कोई औचित्य भी नहीं था। इस गंभीर मामले में शासन-प्रशासन को विशेष ध्यान दिए जाने की जरुरत है। ताकि यहां निवासरत लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े। 

कलेक्टर बोले- नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी

कोरिया कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि, इस मामले में संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर वास्तविक स्थिति दिखवाता हूं। पहले नगर पालिका बैकुंठपुर क्षेत्र में होने के कारण जलार्वधन योजना से पानी टंकी और पाइन लाइन विस्तार हुआ था। वर्तमान समय में ग्राम पंचायत में उसका उपयोग हो सके। इसके लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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