A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Undefined variable $summary

Filename: widgets/story.php

Line Number: 3

Backtrace:

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme

File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp

File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once

छन्नू खंडेलवाल/मांढर- ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी से लोग परेशान है। तेज गर्मी के साथ पीने के पानी के लिए भी तकलीफ उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर मंदिर हसौद में मोनेट इस्पात संयंत्र बिछाए गए हैं। लेकिन पाइपलाइन मांढर रेलवे क्रॉसिंग के आगे लीकेज हो गई है। लीकेज होने के कारण रोजाना लाखों लीटर पानी हर दिन बर्बाद हो रहा है। फैक्ट्री में जानकारी देने के बावजूद इससे संबंधित जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। 25 साल पहले मुरेठी नदी से मंदिर हसौद के मोनेट इस्पात संयंत्र के पाइप लाइन बिछाई गई थी। लेकिन एक माह से पाइप लाइन में लिकेज होने से लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। 

बड़ा हासदा हो सकता है 

जानकारी के मुताबिक पिछले एक महीने से पानी लीकेज के साथ-साथ तेज बहाव होने के कारण गड्ढे का आकार भी बढ़ रहा है। जिस जगह पर पाइप लाइन का लीकेज हुआ है। वह बिल्कुल सड़क से लगा हुआ है। जहां हजारों की संख्या में बच्चों से लेकर बुजुर्ग महिला और छोटे-बड़े वाहन इस जगह से रोजाना गुजरते हैं ।

शराब दुकान के सामने पानी हो रहा है जमा 

माढर में रेलवे क्रॉसिंग के आगे सरकारी मांढर देसी और अंग्रेजी शराब दुकान है। पाइपलाइन लीकेज होने से पानी शराब दुकान के सामने रास्ते में जमा हो रही है। जिसके चलते शराब खरीदी करने वाले मंदिर प्रेमी गिरकर घायल हो रहे हैं। पियक्कड़ मजबूरन मोटरसाइकिल को सड़क किनारे रखकर पैदल दुकान तक जा रहे हैं। जिसके चलते शाम के समय सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। शराब दुकान में माल ढोने वालेबड़े वाहनों को भी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।