सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या 20 से बढ़कर 22 पहुंच चुकी है। 

जांजगीर / डभरा। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या 20 से बढ़कर 22 पहुंच चुकी है। रायपुर अस्पताल में भर्ती एक और श्रमिक की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती श्रमिक सुब्रोतो जेना की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा शेष घायलों का अलग-अलग जगहों पर उपचार चल रहा है, जिनमें भी कईयों की हालत गंभीर बताई जा रही है। 

गौरतलब है कि, सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत सिंघीतराई में संचालित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार 14 अप्रैल को दोपहर करीब तीन बजे भीषण हादसा हो गया था। यहां बॉयलर का प्रेशर पाइप अचानक फट गया जिससे उसमें प्रवाहित तकरीबन 600 डिग्री सेल्सियस तापमान में खौल रहे पानी और भाप का गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया। ऐसे में वहां अफरातफरी मच गई और घटना में बड़ी संख्या में मौजूद कर्मचारी झुलस गए। प्रेशर पाइप फटने के बाद खौलते पानी और भाप का गुबार पूरे एरिया में फैल गया, झुलसने से घटना स्थल पर ही श्रमिकों की मौत हो गई। 

बाकी के घायलों का उपचार चल रहा है
घटना के बाद झुलसे श्रमिकों को किसी तरह बाहर निकाल कर खरसिया और रायगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार तक 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि बुधवार को यह आंकड़ा 20 हो गया। इसके अलावा डेढ़ दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हे खरसिया, रायगढ़ बिलासपुर और रायपुर भी भेजा गया। बताया जाता है कि शुक्रवार 17 अप्रैल को रायपुर में भर्ती एक श्रमिक की मौत हो गई। इसके बाद वेदांता हादसे में मरने वालों की संख्या 22 जा पहुंची है। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती श्रमिक सुब्रोतो जेना की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक युवक बेस्ट बंगाल का रहने वाला था। इधर बाकी के घायलों का उपचार चल रहा है।

आज पहुंचेगी सेंट्रल की जांच टीम
सिंघीतराई मे संचालित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे में बड़ी संख्या में श्रमिकों की मौत और हताहत होने के मामले में सेंट्रल द्वारा भी जांच कमेटी गठित की गई है। बताया जाता है कि सेंट्रल द्वारा गठित जांच टीम शनिवार 18 अप्रैल को सिंघीतराई पहुंचेगी। टीम द्वारा यहां घटना स्थल का निरीक्षण करने के साथ मशीनों की स्थिति बॉयलर पाइप और पूरे सिस्टम का निरीक्षण करके दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। हालांकि प्रारंभिक तौर पर मिली जांच रिपोर्ट में प्रबंधन की भारी लापरवाही उजागर हुई है, जिसके आधार पर थाना डभरा में प्रबंधन के चेयरमेन सहित ठेका कंपनी और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)