धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक को लेकर दीपिका शोरी, सदस्य राज्य महिला आयोग ने सीएम विष्णु देव साय और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

लीलाधर राठी- सुकमा। छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक को लेकर दीपिका शोरी, सदस्य राज्य महिला आयोग ने सीएम विष्णु देव साय और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस विधेयक को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संतुलन और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय बताया।

दीपिका शोरी ने कहा कि लंबे समय से समाज के कमजोर वर्गों, खासकर महिलाओं और नाबालिगों को प्रलोभन, दबाव और भ्रम के माध्यम से धर्मांतरण का शिकार बनाया जा रहा था, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। ऐसे में यह नया कानून इन प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।

धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को बनाया विधिसम्मत और पारदर्शी
उन्होंने विधेयक के प्रमुख प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह विधिसम्मत और पारदर्शी बनाया गया है। किसी भी धर्मांतरण से पहले संबंधित पक्षों को अधिकृत अधिकारी को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा, जिसके बाद सार्वजनिक सूचना जारी कर निर्धारित समयसीमा में उसका परीक्षण किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी धर्मांतरण प्रलोभन, दबाव या धोखाधड़ी के आधार पर न हो।

नए कानून में अवैध धर्मांतरण पर सजा का प्रावधान 
दीपिका शोरी ने बताया कि नए कानून में अवैध धर्मांतरण के मामलों में 7 से 10 वर्ष तक की सख्त सजा और पुनरावृत्ति की स्थिति में आजीवन कारावास तक का प्रावधान किया गया है। विशेष रूप से महिलाओं, नाबालिगों तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के साथ जबरन धर्मांतरण पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान इसे और प्रभावी बनाता है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में विवाह के बहाने या सामूहिक रूप से किए जाने वाले धर्मांतरण समाज में असंतुलन और अशांति पैदा करते हैं। यह विधेयक ऐसे कृत्यों पर रोक लगाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की दी शुभकामनाएं 
दीपिका शोरी ने मुख्यमंत्री के उस दृष्टिकोण की सराहना की, जिसमें उन्होंने इस कानून को सामाजिक सौहार्द, पारदर्शिता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा से जोड़ा है। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की खुशहाली और शांति की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि इस विधेयक के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता, महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा प्रदेश एक सशक्त और संतुलित समाज की ओर आगे बढ़ेगा।