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अंगेश हिरवानी-नगरी। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले कमार जनजाति जो छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र में रहते और वन पर आश्रित रहकर अपना जीवनयापन करते हैं। इन जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक तरफ तो भारत सरकार पीएम जनमन योजना लागू कर इन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है। वहीं दूसरी तरफ कुछ जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार नियम और कायदे को ताक में रखकर सड़क निर्माण के काम में खानापूर्ति कर रहे हैं।
ताजा मामला धमतरी जिले के नगरी ब्लाक अंतर्गत उमरगांव के कमारपारा में बन रहे डामरीकरण सड़क का है। यहां बन रहे डामरीकरण सड़क पर भ्रटाचार इस कदर हावी है कि, सड़क पर डामर बिछाई का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे-वैसे कुछ ही घंटो के बाद पीछे से उखड़ता भी जा रहा है।
सड़क बनने के साथ ही उखड़ती भी जा रही है- ग्रामीण
मौके पर पहुंचने पर पता चला कि, निर्माण के एक दिन बाद एक छोटे से बच्चे ने अपने पैरों से सड़क को रगड़ना शुरू किया तो डामर और गिट्टी आसानी से उखड़ गया। वहीं कुछ लोगों के उस सड़क पर गुजरने भर से ही डामर और गिट्टी उखड़ते हुए दिखाई दिए। जब ग्रामीणों ने इस घटिया निर्माण की शिकायत वहां उपस्थित ठेकेदार के मुंशी से की तो उन्होंने कहा कि, यह सड़क ईस्टीमेट के आधार पर ही बन रही है।
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ईस्टीमेट में इतनी ही मोटाई और गुणवत्ता देना है- सबइंजीनियर
इस बारे में जब पीएमजीएसवाई के सबइंजीनियर चंद्राकर से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया गया कि, जो डामरीकरण सड़क बनाई जा रही है वह मेरे देखरेख और तय मानकों के आधार पर ही बनाई जा रही है।
