अनिल उपाध्याय- सीतापुर। छत्तीसगढ़ के सीतापुर के बैंक में व्याप्त अव्यवस्था एवं राशि के अभाव में भुगतान में हो रहे विलंब से आक्रोशित किसानों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया। किसानों द्वारा चक्काजाम के दौरान मौके पर अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो गया था।
आपको बता दें कि, सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। नाराज किसानों द्वारा चक्काजाम के बाद एसडीएम रामसिंह ठाकुर मौके पर पहुँचे और किसानों की समस्या सुनी। इस दौरान किसानों ने बैंक पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए एसडीएम को अपनी समस्या गिनवाई। किसानों की समस्या गंभीरता से सुनने के बाद एसडीएम ने उसे दूर कराने का आश्वासन दिया।तब जाकर किसान माने और घंटो चले चक्काजाम को समाप्त किया।
किसानों को जरूरत के अनुसार नहीं मिला पैसा
विदित हो कि, धान खरीदी के बाद राज्य सरकार किसानों का पैसा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया है। जिसे खाते से आहरण करने दूर दराज क्षेत्र से सैकड़ो की संख्या में किसान बैंक पहुँच रहे है। लेकिन बैंक पहुँचने के बाद किसानों को जरूरत के अनुसार पैसा नही मिल पा रहा है। पूरे दिन लाइन में खड़ा होने के बाद भी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह बैंक में राशि का अभाव बताया जा रहा है कि, जिसकी वजह से ये समस्या उत्पन्न हुई है। इस बीच अगर बैंक में पैसा आ भी गया तो, वो ऊँट के मुँह में जीरे के समान होता है। इसमे भी अगर कोई बड़ा रसूखदार किसान या नेता गए तो पहले उनकी झोली भरी जाती है।
खाता जमा करने के बाद नहीं मिल पाता पैसा
इसके बाद बची खुची राशि किसानों के बीच वितरण किया जाता है। कई बार तो ऐसा होता है कि, बैंक में खाता जमा करने के बाद भी कई दिनों तक किसानों को पैसा नसीब नहीं होता है। ये एक दिन की बात नही विगत कई दिनों से होता चला आ रहा था। जिसकी वजह से किसानों का धैर्य जवाब दे दिया और बैंक की अव्यवस्था से नाराज किसानों ने तहसील कार्यालय के पास नेशनल हाईवे जाम कर दिया। दोपहर डेढ़ बजे से ढाई बजे तक चले चक्काजाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।
राशि भुगतान में देरी के बारे में किसान ने की पूछताछ
इस दौरान नेशनल हाईवे में अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो गया था। किसानों द्वारा चक्काजाम की की खबर लगते ही एसडीएम रामसिंह ठाकुर मौके पर पहुँचे और किसानों से चर्चा की। चर्चा के दौरान एसडीएम एवं किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल बैंक पहुँचा और राशि भुगतान में होने वाले विलंब के बारे में पूछताछ की। बैंक प्रबंधक तिलक चौहान ने भुगतान में होने वाले विलंब की वजह बैंक में पर्याप्त मात्रा में राशि का अभाव होना बताया।
दो चार दिनों में समस्या दूर होने की उम्मीद
एसडीएम द्वारा इसे दूर कराने के आश्वासन के बाद किसानों माने और एक घँटे बाद चक्काजाम समाप्त किया। किसानों द्वारा चक्काजाम समाप्त करने के बाद प्रशासन एवं बैंक प्रबंधन ने राहत की सांस ली। इस संबंध में एसडीएम रामसिंह ठाकुर ने बताया कि बैंक से भुगतान में विलंब की वजह से किसान नाराज थे।इसलिए उन्होंने विरोधस्वरूप चक्काजाम किया था। इस संबंध में कलेक्टर एवं सीईओ कोऑपरेटिव बैंक को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है कि, दो चार दिनों में ये समस्या दूर हो जाएगी।