श्री माणिकेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा हर सप्ताह साप्ताहिक बाजार के दिन शिव मंदिर परिसर में निःशुल्क भोजन वितरण का सेवा कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। 

लीलाधर राठी- सुकमा। तपती गर्मी में जब कोई भूखा-प्यासा व्यक्ति भरपेट भोजन पा लेता है, तो केवल उसका पेट ही नहीं भरता, बल्कि उसका मन भी संतोष और तृप्ति से भर जाता है। ऐसे क्षण में उसके हृदय से निकली सच्ची दुआ और आशीर्वाद, भोजन कराने वाले के लिए सबसे बड़ा पुण्य बन जाती है। इसी मानवीय संवेदना और सेवा भाव का प्रेरणादायक उदाहरण कोंटा में देखने को मिल रहा है। श्री माणिकेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट, कोंटा द्वारा प्रत्येक सप्ताह साप्ताहिक बाजार के दिन शिव मंदिर परिसर में निःशुल्क भोजन वितरण का सेवा कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। 

इस सेवा का लाभ विशेष रूप से उन ग्रामीणों को मिल रहा है, जो दूर-दराज़ के वनांचल क्षेत्रों से साप्ताहिक बाजार में अपने दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदने या बेचने के लिए कोंटा आते हैं। दिनभर की भागदौड़ और लंबी यात्रा के बाद मंदिर परिसर में मिलने वाला यह निःशुल्क भोजन उनके लिए किसी प्रसाद से कम नहीं होता। भोजन वितरण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धा और आभार के साथ प्रसाद रूपी भोजन ग्रहण करते हैं। मंदिर ट्रस्ट के इस सेवा कार्य में स्थानीय श्रद्धालु और समाजसेवी भी समय-समय पर सहयोग करते हैं, जिससे यह सेवा निरंतर चलती रहे।

बुजुर्ग माता ने किया भोजन ग्रहण 
इसी दौरान एक मार्मिक दृश्य भी देखने को मिला। तस्वीर में दिख रही बुजुर्ग माता, जो संभवतः किसी दूरस्थ गांव से बाजार आई थीं, बड़े ही सादे भाव से प्रसाद रूपी भोजन ग्रहण करती नजर आईं। उनके चेहरे की झुर्रियों में जीवन के लंबे संघर्ष की कहानी झलकती है, वहीं भोजन पाकर उनके चेहरे पर दिखाई दे रही संतुष्टि यह दर्शाती है कि यह सेवा उनके लिए कितनी बड़ी राहत है। ऐसे असंख्य ग्रामीणों के लिए यह पहल केवल भोजन नहीं, बल्कि आत्मीयता और अपनत्व का अनुभव भी कराती है। 

सनातन धर्म में सेवा और परोपकार का है सर्वोच्च स्थान
सनातन धर्म में सेवा और परोपकार को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। 'नर सेवा ही नारायण सेवा है' की भावना सनातन संस्कृति की मूल आत्मा मानी जाती है। भूखे को भोजन कराना, प्यासे को पानी पिलाना और जरूरतमंदों की सहायता करना धर्म और पुण्य का श्रेष्ठ कार्य माना गया है। इसी सनातन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंदिर ट्रस्ट द्वारा यह सेवा कार्य किया जा रहा है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। समाज में बढ़ती आपाधापी के बीच इस प्रकार की सेवा गतिविधियाँ मानवता, करुणा और परोपकार का सशक्त संदेश देती हैं। 

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने दी जानकारी 
श्री माणिकेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पी. विजय नायडू ने बताया कि इस प्रयास से न केवल जरूरतमंदों की मदद हो रही है, बल्कि समाज को भी सेवा और सद्भाव की प्रेरणा मिल रही है। इस सेवा कार्य से प्रसन्न होकर लाभान्वित लोगों के हृदय से निकलने वाली दुआएँ और आशीर्वाद इस पुण्य कार्य को और अधिक सार्थक बनाते हैं। मंदिर ट्रस्ट के इस अनुकरणीय प्रयास की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है और यह समाज में सेवा, करुणा तथा सनातन मूल्यों को सशक्त करने का कार्य कर रहा है।