रायपुर। प्रदेश के किसानों को कृषि के लिए सोलर पंप भी लगाने की भाजपा सरकार में 2016 में प्रारंभ की गई सौर सुजला योजना अब बंद हो गई है। इसके स्थान पर अब केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना में किसानों को सोलर पंप लगाकर दिए जाएंगे। इसके लिए क्रेडा ने प्रदेश सरकार के माध्यम से नए सत्र के लिए केंद्र सरकार के पास प्रदेश के किसानों के खेतों में प्रधानमंत्री कुसुम योजना में 25 हजार पंप लगाने का प्रस्ताव भेजा है।
वहां से प्रस्ताव की मंजूरी के बाद क्रेडा खेतों में पंप लगाने का काम प्रारंभ करेगा। प्रदेश में अब तक एक लाख साठ हजार सोलर पंप लग चुके हैं। अंतिम साल में योजना को बंद करने के कारण महज सात हजार पंप लग पाए हैं। इस समय क्रेडा के पास करीब 50 हजार आवेदन पेंडिंग है। इन आवेदनों का निराकरण केंद्र सरकार से मंजूरी के बाद ही होगा।
प्रदेश में एक नवंबर 2016 से चल रहा सौर सुजला योजना
प्रदेश में किसान खेती के लिए कृषि पंप लगाने का काम करते हैं। ज्यादातर कृषि पंप तो बिजली से चलने वाले लगाए जाते हैं। लेकिन प्रदेश में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर बिजली की सुविधा न होने पर या किसानों के खेतों के पास बिजली के ट्रांसफार्मर और खंभे न होने के कारण कृषि पंप लगाने के लिए करीब दस साल पहले प्रदेश में भाजपा की रमन सरकार के समय सौर सुजला योजना राज्य स्थापना दिवस पर एक नवंबर 2016 को प्रारंभ की गई थी। तब सौर सुजला योजना के माध्यम से सोलर कृषि पंप लगाने का काम किया गया। उसी समय प्रदेश में बहुत ज्यादा सोलर कृषि पंप लगाए गए।
हर साल लगे 20 हजार पंप
राज्य सरकार ने चूंकि इस योजना का प्रारंभ एक नवंबर 2016 को किया था, इसलिए पहले साल 2016-17 में महज 12 हजार सोलर पंप किसानों के खेतों में लगाए गए। इसके बाद से हर साल प्रदेश सरकार ने 20 हजार के आस-पास सोलर पंप लगाने का काम किया। 2025-26 के लिए भी वैसे तो 20 हजार सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस बीच फैसला किया गया कि अब केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना में ही कृषि के लिए सोलर पंप लगाने का काम होगा, इसलिए राज्य सरकार की योजना में महज सात हजार पंप ही लग पाए हैं।
अब केंद्र सरकार की योजना में लगेंगे
अब किसानों को सोलर पंप केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना में लगाकर दिए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार के पास 25 हजार पंप लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने पर पंप लगाए जाएंगे। इस योजना में भी किसानों को सब्सिडी मिलेगी। लेकिन अभी तय नहीं है कि इसमें सब्सिडी कितनी मिलेगी। राज्य सरकार की योजना में महज 10 से 20 हजार में पंप लग जाते थे। क्रेडा के अधिकारियों के मुताबिक अब तो सोलर पंप लगाने की लागत कम हो गई है। इस समय तीन एचपी के लिए करीब ढाई लाख और पांच एचपी के लिए तीन लाख दस हजार में लगते हैं। टेंडर के बाद यह लागत और कम हो सकती है।
नए सत्र में प्रदेश में 25 हजार पंप लगाने का केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव भेजा है केंद्र सरकार को
क्रेडा भूपेंद्र सवन्नी अध्यक्ष ने बताया कि, पीएम कुसुम योजना में प्रदेश में 25 हजार सोलर कृषि पंप लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने पर नए सत्र में पंप लगाने का काम प्रारंभ होगा।
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