सारंगढ़ जिले के एक मंडल भाजपाध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा को लेकर तीखी टिप्पणी कर दी। इसे लेकर सियासत गरमा गई है।

देवराज दीपक- सारंगढ़-बिलाईगढ़। सारंगढ़ जिले की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब सालर मंडल के भाजपा अध्यक्ष रामकुमार थूरिया ने सोशल मीडिया पर जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा को लेकर तीखी टिप्पणी कर दी। मंडल अध्यक्ष द्वारा फेसबुक पर लिखी गई पोस्ट — 'जो उखाड़ना है उखाड़ लो…' ने भाजपा के अंदरूनी समीकरणों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मंडल अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट में प्रभारी मंत्री पर सारंगढ़ जिले को कमजोर करने का आरोप लगाया है। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को तुरंत लपक लिया और सोशल मीडिया पर भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता इसे भाजपा की आंतरिक कलह का उदाहरण बताते हुए जमकर चुटकी ले रहे हैं।

संगठन में भी सुगबुगाहट
इधर भाजपा संगठन के भीतर भी इस पोस्ट को लेकर असंतोष और चर्चा का माहौल है। पार्टी के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक मंडल अध्यक्ष को अपने ही जिले के प्रभारी मंत्री के खिलाफ इतनी कड़ी टिप्पणी करने की जरूरत क्यों पड़ी। इससे यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं पार्टी के अंदर असंतोष या अंतर्कलह तो नहीं चल रही है।

संगठन ने मामले को गंभीरता से लिया
सूत्रों की मानें तो भाजपा संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडल अध्यक्ष रामकुमार थूरिया को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि अभी तक पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है और न ही मंडल अध्यक्ष की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया दी गई है।

सवाल खड़ा होना स्वाभाविक 
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब किसी जिले के प्रभारी मंत्री पर उसी पार्टी के पदाधिकारी सार्वजनिक आरोप लगाते हैं, तो इससे संगठन की एकजुटता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि आखिर यह विवाद किस दिशा में जाता है।

सियासी चर्चा का विषय बना
फिलहाल यह मामला सारंगढ़ जिले की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मंडल अध्यक्ष ने आखिर ऐसा पोस्ट क्यों किया, इसके पीछे क्या कारण हैं, और पार्टी संगठन इस पर क्या कार्रवाई करता है। पूरे मामले पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।