देवराज दीपक- सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र सहित पूरे इलाके में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे पाइपलाइन विस्तार कार्य में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, बरगांव-कंचनपुर समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत 102 गांवों और सारंगढ़ विकासखंड के 84 गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य कावेरी कम्पनी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन यह कार्य गुणवत्ता के सभी मापदंडों को ताक पर रखकर किया जा रहा है।
शासन के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन
स्थल निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि, पाइपलाइन को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार गहराई में डालने के बजाय मात्र डेढ़ से 2 फीट की उथली गहराई में ही बिछा दिया गया है। यह न केवल शासन के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और जल आपूर्ति बाधित होने का बड़ा खतरा भी पैदा कर रहा है।
बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा
इतना ही नहीं, जहां-जहां सड़कों को खोदकर पाइपलाइन डाली गई है, वहां गड्ढों को सही तरीके से पाटा नहीं गया और न ही कंक्रीटीकरण किया गया है। इससे ग्रामीणों को रोजाना आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले को लेकर देवराज दीपक, कार्यकारी जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने जिला कलेक्टर और कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सारंगढ़-बिलाईगढ़ को लिखित शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आम जनता के लिए बनेगा समस्या का कारण- ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि, यदि जल्द ही इस भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम नहीं लगाई गई, तो जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना भी आम जनता के लिए समस्या का कारण बन जाएगी। कावेरी कंपनी के सुभाष नामक व्यक्ति ने कहा कि, पाईप लाइन विस्तार कार्य सही कराया गया है और पाइप के ऊपर एक मिटर मिट्टी ऊपर डाला गया है। अब सवाल यह है कि, क्या जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूटेगी, या भ्रष्टाचार की पाइपलाइन यूं ही बहती रहेगी?
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