रायगढ़-सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से हुए भीषण हादसे के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। हादसे में 16 लोगों की मौत और 34 से अधिक घायल होने के बाद अब मृतकों के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और जानकारी छुपाने के आरोप लगाए हैं।
हादसे के बाद परिजनों का कहना है कि कंपनी की ओर से उन्हें किसी भी प्रकार की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। कई परिवारों को अपने प्रियजनों की तलाश में घंटों तक भटकना पड़ा। परिजनों ने बताया कि वे दोपहर करीब 2:30 बजे से अपने घर के सदस्यों की जानकारी के लिए परेशान होते रहे, लेकिन उन्हें न तो आधिकारिक सूचना मिली और न ही किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क किया।
प्रबंधन पर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें एक नहीं, बल्कि चार से पाँच अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। अंततः जिला अस्पताल में जाकर मृतक की बॉडी की पहचान संभव हो पाई। परिजनों का आरोप है कि हादसे की गंभीरता और मृतकों की संख्या को लेकर प्रबंधन द्वारा जानकारी छुपाई गई, जिसके चलते उनकी स्थिति और भी खराब हो गई।
प्लांट के बाहर तनाव, पुलिस बल तैनात
वेदांता पावर प्लांट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्लांट के मुख्य द्वार के सामने बैरिकेडिंग की गई है, जहाँ मृतकों और घायलों के परिजन एकत्र होकर घटना को लेकर विरोध जता रहे हैं। माहौल में तनाव साफ झलक रहा है और लोग प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
परिजनों का गुस्सा फूटा
परिजनों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन ने उनसे सीधे तौर पर बात तक नहीं की है। पुलिस कर्मियों के माध्यम से सिर्फ इतना कहा जा रहा है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे आक्रोश और बढ़ गया है।
फैक्ट्री के बाहर अफरा-तफरी, लोगों में नाराजगी
फैक्ट्री परिसर के बाहर गहमा-गहमी का माहौल है। मृतकों की संख्या और हादसे की वास्तविक स्थिति को लेकर लोगों के बीच अफवाहें फैल रही हैं, जिससे हालात और भी अधिक संवेदनशील हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन सच छुपा रहा है और उन्हें भरोसे में नहीं लिया जा रहा है।
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