कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुधारू पशु प्रदाय योजना का दायरा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।

रायपुर। कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुधारू पशु प्रदाय योजना का दायरा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। अब इस योजना का लाभ सभी सामाजिक वर्गों को मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कृषि और पशुपालन क्षेत्र को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। साय कैबिनेट ने प्रदेश के पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से दुधारू पशु प्रदाय योजना में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को मजबूती मिलेगी।

पायलट प्रोजेक्ट का विस्तार और एमओयू में संशोधन
कैबिनेट की बैठक में दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना के दायरे को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। अब इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राही लाभान्वित हो सकेंगे। इसके लिए सरकार ने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ किए गए एमओयू में संशोधन का अनुमोदन किया है। बदलाव का सीधा उद्देश्य योजना को अधिक समावेशी बनाना है, ताकि राज्य का हर वर्ग इसका लाभ उठा सके।

सभी वर्गों को मिलेगा लाभ, बढ़ेगी आय
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि पहले इस योजना में जो सीमाएं थीं, उन्हें अब हटा दिया गया है। अब अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ-साथ सभी सामाजिक वर्गों के पात्र हितग्राहियों को दुधारू पशु प्रदान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि पशुपालकों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

एनडीडीबी के जरिए टीकों की सीधी खरीदी
कैबिनेट द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एनडीडीबी की सब्सिडरी कंपनी इंडियन इंम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर दर उपलब्ध न होने के कारण टीकों की समय पर आपूर्ति में बाधा आ रही थी, जिससे पशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित हो रहा था। 

उक्त एजेंसी से टीकाद्रव्यों का किया जाएगा क्रय
निर्णय के अनुसार,  वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्यों का क्रय उक्त एजेंसी से किया जाएगा, जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्यों का क्रय उक्त एजेंसी से किया जाएगा, जिससे पशुओं में रोगों की रोकथाम, मृत्यु दर में कमी, पशुपालकों को  आर्थिक सुरक्षा तथा दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी। 

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