रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेललाइन की संख्या बढ़ाने का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। वर्तमान में पटरियों पर दौड़ रही एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार प्रतिघंटे 110 से 120 किमी के बीच है। वहीं वंदेभारत एक्सप्रेस 130 किमी की रफ्तार से चल सकती है, लेकिन जोन में रेललाइन की संख्या कुछ जगहों पर अब भी दो और तीन है। इस वजह से रफ्तार नियमित रूप से एक-सी नहीं रह पाती है, जिन जगहों पर चौथी लाइन का काम पूरा हो चुका है, वहां ट्रेनें अपनी निर्धारित गति पर चलती हैं।

ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए रेलवे बोर्ड लगातार कार्य कर रहा है। बता दें कि बिलासपुर-नागपुर रेलखंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों में चौथी रेललाइन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इस कार्य के पूर्ण होने से ट्रेन एक-सी गति से दौड़ेगी। वर्तमान में विभिन्न खंडों में लाइन कम होने से रफ्तार धीमी करनी पड़ती है।

छत्तीसगढ़ में 51,080 करोड़ की लागत की रेल परियोजना का कार्य
वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में 51,080 करोड़ की लागत की रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेललाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किमी एवं लागत 16,275.56 करोड़ है, के अंतर्गत 77.35 किमी नई रेललाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। राज्य में खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा नई रेललाइन परियोजना भी प्रगति पर है, जिसकी कुल लंबाई 278 किमी तथा अनुमानित लागत 7,854 करोड़ है। सरदेगा-भालूमाड़ा नई रेललाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 37.24 किमी एवं लागत 1,282 करोड़ है, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी। रावघाट-जगदलपुर नई रेललाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किमी तथा लागत 3,513 करोड़ है, बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

इस वर्ष बिछ जाएगी 206 किमी तक चौथी लाइन
बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच वर्तमान में 175 किलोमीटर तक चौथी लाइन के लिए पटरियां बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। इस वर्ष तक कुल 206 किलोमीटर तक पटरियां बिछ जाएंगी। इसके बाद इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी। बता दें कि 2,135.34 करोड़ की लागत से इस परियोजना को पूरा किया जा रहा है। रेललाइन बढ़ने से ट्रेनों की संख्या में भी इजाफा होगा। छत्तीसगढ़ राज्य में रेल अधोसंरचना के विस्तार के उद्देश्य से भारतीय रेल द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को 7,470 करोड़ का बजट अनुदान प्रदान किया गया है। अब कार्य में फिर से तेजी आएगी।