A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Undefined variable $summary
Filename: widgets/story.php
Line Number: 3
Backtrace:
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme
File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp
File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एक 5 साल का बालक ट्रेन में अपनी मां से बिछड़ गया था। रविवार की सुबह लगभग 9:00 पुरी अहमदाबाद एक्सप्रेस में 5 वर्षीय एक बालक अपने परिवार से बिछड़ गया। जिसकी सूचना राजनांदगांव रेलवे सुरक्षा बल को मिलने के बाद उसे ट्रेन में ढूंढ कर डेढ़ घंटे के भीतर ही उसके परिजनों से मिलाया गया।
दुर्ग रेलवे स्टेशन से डोंगरगढ़ जाने के लिए गुम बालक आहिर राजपूत अपने परिजनों के साथ पुरी- अहमदाबाद एक्सप्रेस में सवार हो गया। इस दौरान गलत ट्रेन में चढ़ने की वजह से टीसी ने उन्हें दुर्ग रेलवे स्टेशन में ही उतार दिया। तभी उनका बालक पुरी- अहमदाबाद एक्सप्रेस के बाथरूम में छूट गया और ट्रेन चल पड़ी, जिसके बाद परिजनों ने रेलवे पुलिस को बालक के छूटने की सूचना दी। बालक की तलाश में तत्काल हरकत में ही पुलिस ने राजनंदगांव आरपीएफ को बालक का फोटो भेजा। इस दौरान ट्रेन के राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ ने स्टेशन मैनेजर के सहयोग से गाड़ी को कुछ देर रेलवे स्टेशन पर रुकवाया और गुम बालाक की तलाश की, तभी बालक उन्हें ट्रेन के भीतर ही मिला, जिसे राजनांदगांव रेलवे स्टेशन में उतरकर उसके परिजनों को सूचित किया गया।
भावुकता से भरा क्षण
परिजनों से बिछड़े बालक का ट्रेन में रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था, तो वही आरपीएफ थाने पहुंचने के बाद भी बालक अपने परिजनों की याद में रोता रहा। लगभग डेढ़ घंटे के बाद बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस से उनके परिजन राजनंदगांव पहुंचे। परिजनों को देखते ही बालक जोर से रोने लगा और अपनी दादी से लिपट गया। इस दृश्य को देखने वालों की आंखें नम हो गई।
रुद्राक्ष बेचने जा रहा था परिवार
बालक की माता चैत्राली राजपूत ने बताया कि उनका पूरा परिवार शिव महापुराण कथा के आयोजन स्थल पर रुद्राक्ष बेचने का कार्य करता है। राजनांदगांव जिले के हालेकोसा में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण कथा स्थल पर रुद्राक्ष बचने के लिए जा रहे थे। दुर्ग से उन्हें डोंगरगढ़ जाना था और इसके बाद यहां से वे हालेकोसा के लिए रवाना होते।
नाराज होकर अपनी शर्ट फाड़ ली
अपने पुत्र को लेने राजनांदगांव आरापीएफ थाने पहुंची चेत्राली राजपूत ने बताया कि जब वे ट्रेन में चढ़े तो किसी बात को लेकर उनका पुत्र नाराज हो गया और अपनी शर्ट को फाड़ कर उतार दिया। इसके बाद वह बाथरूम चला गया था। राजनंदगांव में आहिर के मिलने के बाद आरपीएफ निरीक्षक तरुण साहू ने मानवता का परिचय देते हुए बच्चे को नई शर्ट और पैंट मंगवा कर पहनाया। वहीं उसके लगातार रोने के चलते बिस्किट भी मंगाया, लेकिन बच्चे ने सिर्फ पानी पिया और स्वयं को कटनी का होना बताया।
परिजनों के सुपूर्द किया गया बालक
निरीक्षा के तरुण साहू ने बताया कि दुर्ग स्टेशन मास्टर के माध्यम से बालक के गुम होने की सूचना मिली थी, जिसके मिलने के बाद परिजनों को सूचित किया गया और परिजन के राजनांदगांव पहुंचने पर बालक परिजनों के सुपूर्द किया गया।
इसे भी पढ़ें... पुलिस भर्ती में गड़बड़ी : संदिग्ध आरक्षक की मौत, उसके आरोपों की होगी एसआईटी जांच
परिजनों ने जताया आरपीएफ निरीक्षक का आभार
गुम हुए बालक को लेने पहुंची बालक की दादी और मां ने निरीक्षक तरुणा साहू की इस मानवीय दृष्टिकोण के लिए उनका आभार जाताया है और चंद घंटे के भीतर ही आरपीएफ की मदद से बालक के मिलने पर खुशी जाहिर की है।
