राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल शुरू की है। अब अविवादित नामांतरण और खाता विभाजन जैसे प्रकरणों का निराकरण तहसील के बजाय सीधे ग्राम पंचायतों में ही किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था ने ग्रामीणों को समय, श्रम और धन तीनों की बचत दिलाई है।
कलेक्टर ने सांकरा पंचायत का आकस्मिक निरीक्षण किया
कलेक्टर जीतेन्द्र यादव ने ग्राम पंचायत सांकरा पहुंचकर राजस्व सेवाओं की वास्तविक प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को गांवों में मुनादी कर लोगों को इस व्यवस्था की जानकारी देने के निर्देश भी दिए।
ग्राम पंचायतों में सीधे आवेदन
कलेक्टर ने बताया कि राजस्व प्रकरणों के आवेदन अब ग्राम पंचायतों में लिए जा रहे हैं और 15 दिनों के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। पहले जहां इन कार्यों के लिए लोगों को बार-बार तहसील कार्यालय जाना पड़ता था, अब वही कार्य गांव में ही हो रहे हैं।
1500 से अधिक प्रकरणों का निपटारा
पिछले छह महीनों में जिले की ग्राम पंचायतों में 1500 से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। यह पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है और प्रशासनिक पारदर्शिता को भी बढ़ाती है।
किसानों ने जताई खुशी
ग्राम सांकरा के किसान डुलेश कुमार बंजारे ने बताया कि उन्होंने फौती नामांतरण का आवेदन पंचायत में दिया था और निर्धारित समय-सीमा में उनका कार्य पूरा हो गया। उन्होंने कहा 'पहले छोटे काम के लिए भी तहसील जाना पड़ता था, अब गांव में ही सब हो जाता है। पारदर्शिता भी बढ़ी है।' इसी तरह किसान देव सिंह निषाद ने भी समय-सीमा के भीतर फौती नामांतरण होने पर खुशी व्यक्त की और इसे किसानों के हित में सराहनीय कदम बताया।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हुआ आसान
फौती नामांतरण समय पर होने से किसानों को अब समर्थन मूल्य में फसल विक्रय, पीएम सम्मान निधि, केसीसी जैसी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलने लगा है। पंचायत स्तर पर सेवा उपलब्ध होने से किसानों की प्रक्रिया काफी सरल हो गई है।
अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने ग्रामीणों से सीधे फीडबैक भी लिया।