श्यामकिशोर शर्मा- राजिम। श्रीरामनवमी पर्व के उपलक्ष्य में रविवार को राजिम शहर में सोनकर समाज द्वारा बहुत ही भव्य एवं आकर्षक भगवान श्रीरामचंद्र की शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण था। शोभायात्रा निकालने के पहले समाज के लोगो ने भगवान श्रीरामचंद्र, माता जानकी और लक्ष्मण की विधिपूर्वक पूजा- अर्चना की। यह शोभायात्रा सोनकर भवन से प्रारंभ होकर मां महामाया मंदिर, राजीव लोचन मंदिर, गायत्री मंदिर होते हुए पूरे शहर का भ्रमण करते हुए पुन: सोनकर भवन पहुंची। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, आस्था और उत्सव का अदभुत संगम देखने को मिला।
महिलाओं के हाथों में केसरिया ध्वज लिए श्रद्धालु जय श्रीराम के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरा नगर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। यात्रा के दौरान विभिन्न झांकियों और सजे-धजे रथों ने लोगों का मन मोह लिया। नगरवासियों ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जगह-जगह शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं द्वारा आरती उतारी गई, पुष्पमालाएं अर्पित की गईं तथा फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का अभिनंदन किया गया। बता दें कि सोनकर समाज द्वारा हर वर्ष श्रीरामनवमी के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकालने की परंपरा निभाई जा रही है। आयोजन के अंत में प्रसादी वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
समाज के लोगों ने किया स्वागत
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया। शाम से लेकर देर रात तक पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा, जिसने राजिम की धार्मिक गरिमा को और भी ऊंचाई प्रदान की। समाज के वरिष्ठ जितेंद्र राजू सोनकर ने शहर में जगह-जगह इस शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए शहरवासियो खासतौर से मातृशक्तियों का आभार व्यक्त किया और भगवान श्रीरामचंद्र से आराधना करते हुए सभी के जीवन में सुख समृद्धि के लिए मंगल कामना की।
ये वरिष्ठ लोग रहे उपस्थित
शोभायात्रा में नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रेखा -जितेंद्र सोनकर सहित राजिम राज सोनकर समाज के अध्यक्ष अर्जुन सोनकर, पदाधिकारी मोती सोनकर, रेखराम सोनकर, दिनेश सोनकर, विनोद सोनकर, पार्षद टंकु सोनकर, छोटेलाल सोनकर, भुवन सोनकर, सुरेश सोनकर, दुकलहा सोनकर, श्यामलाल सोनकर, होरी सोनकर, महिला संगठन के अध्यक्ष कांति सोनकर, प्रवीण पुष्पाकर, मोहन सोनकर, दयाराम सोनकर सहित हजारों की संख्या में सामाजिकजन, समाज के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में मातृशक्तियां शामिल हुई।