रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस मनरेगा का नाम बदलने और सिलेंडर की बढ़ी कीमतों समेत कई मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव कर रही है। घेराव के पहले प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने सरकार को जमकर घेरा और विधानसभा घेराव के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ निकल गए।
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि, कामगार, नौजवान, वो लोग जो ऊंची आवाज में बोल नहीं सकते, उनकी आवाज कांग्रेस बन रही है। धरना देने से घेराव करने से ना इमारत टूटती है ना सरकार गिरती है। लेकिन जनता की ताकत सर्वोपरि है, इससे सब कुछ संभव है। जिस शासन के नीचे हम जी रहे हैं, उसके सामने आवाज उठाना जरूरी है। 90 प्रतिशत मनरेगा का पैसा केंद्र से आता था। निर्णय केंद्रित कर किया गया, सारी चीजों पर कंट्रोल कर दिया गया। बीजेपी समझ चुकी है कि, कानून बदल दो, शोषण कर दो, जितना भी अत्याचार करो, मंदिर- मस्जिद की आड़ में जनता वोट नहीं डालेगी, यह सरकार को यह गलतफहमी है।
कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा नहीं किया
उन्होंने आगे कहा कि, कांग्रेस की नीति और विचार की अलग हो सकती है। लेकिन हमने किसानों के साथ धोखा नहीं किया। हमें खेद है कि, ऐसी सरकार बैठी है, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। रूस से तेल लेना है या नहीं, यह निर्णय भारत का होना चाहिए। हर चीजों के निर्णय का दबाव भारत पर है। बाहर बैठा दूसरे देश का व्यक्ति युद्ध पर विराम लगा देता है। इस सरकार के आंख- कान बंद है और कालाबाजारी हो रही है, एलपीजी की दिक्कत है। छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती हो रही थी और सरकार को उसके बारे में पता नहीं। लेकिन पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इसे उजागर कर दिया।