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श्यामकिशोर शर्मा। नवापारा-राजिम। छत्तीसगढ़ के नवापारा के सुंदरकेरा गांव में जल संसाधन विभाग के एसडीओ दीपक देव और भाजपा नेता नत्थूराम साहू स्टाप डेम के निर्माण को लेकर आमने- सामने आ गए है। गांव के बहुत ही प्रतिष्ठित वरिष्ठ भाजपा नेता नत्थूराम साहू का कहना है कि, गांव के नाला में यदि एक सवा करोड़ रूपए की लागत से स्टाप डेम बन रहा है तो उसका समुचित लाभ किसानों को मिलना चाहिए। इस स्टाप डेम का निर्माण किसानो और ग्रामीणो के मुताबिक चिन्हांकित किए जगह पे होना चाहिए था। ग्रामीणो ने बहुत ही अनुरोध कर शासन से इस राशि को स्वीकृत कराया है। 

एसडीओ ने बीजेपी नेता को भेजा नोटिस 

मिली जानकारी के अनुसार, स्टाप डेम के स्थान को लेकर नत्थूराम साहू जब कार्यस्थल पर गए तो उन्हें ठेकेदार के हवाले से नोटिस भेजकर एसडीओ दीपक देव ने डराया है कि, कार्यस्थल में कर्मचारियो से बदसलुकी किया यह कृत्य एक अपराधिक श्रेणी का है। आप किस अधिकार से शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। इस संबंध में 27 मई को कार्यालयीन समय में दोपहर 3 बजे उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे वर्ना अनावश्यक रूप से शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के लिए आपके विरूद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। 

बीजेपी नेता बोले- कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में गुस्सा 

भाजपा नेता नत्थूराम साहू ने बताया कि, वे उस नोटिस का जवाब देने एसडीओ के कार्यालय में गए ही नहीं। एसडीओ के धमकी भरे नोटिस को लेकर ना केवल ग्रामीणों, किसानो में जमकर आक्रोश है. बल्कि पूरे क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता गुस्साएं हुए है। अपने आपमें यह एक अलग तरह का मामला बन गया है। यदि कोई जनप्रतिनिधि अपने गांव के कार्यस्थल में जाता है तो क्या अधिकारी वर्ग उन्हें नोटिस भेजकर धमकाएंगे? यदि नत्थूराम साहू ने किसी कर्मचारी-अधिकारी के साथ मौके पर दुर्व्यवहार किया या गाली- गलौच किया हो तो उनके नाम जाहिर करे कि किनके साथ इस भाजपा नेता ने ऐसा दुर्व्यवहार किया? उन्हें तो नोटिस न भेजकर थाने में रिपोर्ट करना था। 

ठेकेदार ने एसडीओ को लिखा पत्र 

आपको बता दें कि, अंबिकापुर के कंपनी एम एस जी पी बिल्डकॉन ने 20 मई को अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन के नाम एक पत्र देकर जानकारी दिया कि, ग्रामीणो के द्वारा कार्यस्थल पर विवाद कर कार्य अवरूद्ध किया जा रहा है। इस पत्र में ठेकेदार ने लिखा है कि, फाऊंडेशन का काम लगभग पूर्ण कर लिया गया है किंतु नत्थू साहू द्वारा कार्य को बंद करने कहा गया। श्रमिकों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ गाली-गलौच किया गया। काम को करने की दशा में श्रमिको को जान से मारने की धमकी भी दी गई। ऐसे में साइड पे कार्य करना संभव प्रतीत नही हो रहा है।

मुआयना करने नहीं गया एसडीएम 

ये पत्र ठेकेदार द्वारा 20 मई को लिखा गया है और उसी 20 तारीख में ही जल संसाधन उपसंभाग क्रमांक 1 के अनुविभागीय अधिकारी दीपक देव ने ठेकेदार के इस पत्र का हवाला देते हुए नत्थूराम साहू को नोटिस भेज दिया। किसानों की मांग और उनकी मंशा को समझने और सुलझाने की बजाए ठेकेदार से पत्र लिखवाकर उसकी आड़ में एसडीओ दीपक देव ने मामले को उलझाने का पूरा प्रयास किया है। इस बात को विभाग के अधिकारी भी समझे है। अधिकारियों की एक टीम गुरूवार को सुंदरकेरा पहुंचकर कार्यस्थल का मुआयना किया। इस टीम में एसडीओ दीपक देव नहीं गए थे। 

बीजेपी नेता ने की जांच मांग 

इस पर भाजपा नेता नत्थूराम साहू ने बताया कि, वे कार्यस्थल में अधिकारियो के टीम के साथ मुलाकात किए। किसानो की मंशा से अवगत कराया साथ ही कहा गया कि, सवा करोड़ रूपए की लागत से ये स्टाप डेम बनने जा रहा है. जिसका समुचित लाभ किसानो को मिलना चाहिए इस उद्देश्य से इसका निर्माण कार्य किया जाना चाहिए। हमने यही मांग रखा था जिसे तिल का ताड़ बनाने में एसडीओ दीपक देव लग गए। नत्थूराम साहू ने अधिकारियो से साफ-साफ कहा कि, वे किस अधिकारी के साथ कार्यस्थल में दुर्व्यवहार किए ? गाली-गलौच किए ?,जान से मारने का धमकी दिए? इसकी जांच होनी चाहिए वर्ना झूठे नोटिस भेजने वाले एसडीओ दीपक देव के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।