अंगेश हिरवानी - नगरी। धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के सुदूर वनांचल क्षेत्र बेलरगांव की एक प्रेरणादायी कहानी अब पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बन गई है। कठिन परिस्थितियों में पढ़ने वाले यहां के बच्चों ने ऐसी उपलब्धि हासिल की कि उनकी मेहनत की गूंज राजभवन तक पहुँच गई और खुद राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें सम्मानित कर नई उड़ान दी।
राजभवन में 28 छात्रों को मिला सम्मान
बेलरगांव क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों से जवाहर नवोदय विद्यालय में चयनित 22 मेधावी छात्रों सहित कुल 28 बच्चों को रायपुर स्थित राजभवन में सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल प्रमाणपत्र या मंच तक सीमित नहीं रहा यह उन संघर्षों और सपनों की जीत का पल था, जिनके सहारे ये बच्चे परिस्थितियों को मात देते हुए आगे बढ़े हैं।
10 समर्पित शिक्षकों को भी मिला गौरव
कार्यक्रम में उन 10 शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया, जो जंगलों के बीच शिक्षा की ज्योत जलाए रखने का काम कर रहे हैं। इन शिक्षकों की निष्ठा, सीमित साधनों में भी लगातार उत्कृष्ट परिणाम देने की क्षमता और बच्चों को नई दिशा देने का जज़्बा ही इस सफलता की असली नींव है।
स्पोकन इंग्लिश स्टार और AI कंटेंट क्रिएटर बने छात्र
इस आयोजन की सबसे खास बात रही पाँच विद्यार्थियों का “स्पोकन इंग्लिश स्टार” के रूप में उभरना, जिन्होंने लगातार अभ्यास से भाषा की बाधाएँ तोड़ीं। इसी के साथ कक्षा 7वीं की गरिमा पलक साहू ने ‘AI Content Creator’ बनकर यह साबित कर दिया कि वनांचल के बच्चे अब तकनीक और नवाचार की दुनिया में भी पीछे नहीं हैं।
राज्यपाल की ओर से ₹5000 की प्रोत्साहन राशि
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रत्येक विद्यार्थी को पाँच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह राशि सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि इन बच्चों के आत्मविश्वास को नई मजबूती देने वाला एक भरोसा है कि उनकी मेहनत को राज्य स्तर पर देखा और सराहा जा रहा है।
बेलरगांव बना आशा और प्रेरणा का प्रतीक
इन उपलब्धियों के पीछे शिक्षकों, अभिभावकों और क्षेत्र के कई समर्पित लोगों की भूमिका रही, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों के सपनों को उड़ान दी। आज बेलरगांव सिर्फ एक गाँव नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए संदेश बन गया है संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह नहीं रोकती, यदि इरादे मजबूत हों तो जंगलों से उठी आवाज भी राजभवन तक पहुँच सकती है।