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धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक बार फिर मुंहकोट-आमझर गांव के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया गया है। मृतक नक्सली के पास से एसएलआर हथियार और अन्य नक्सल सामग्री बरामद किया गया है।

जंगलों की आड़ लेकर भागे नक्सली 

मिली जानकारी के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर एसपी आंजनेय वार्ष्णेय के साथ डीआरजी नगरी की टीम जंगल में सर्चिंग के लिए घुसी थी। तक़रीबन घंटेभर चली फायरिंग के बाद नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग गए। जिसके बाद तक़रीबन रात 8.30 बजे सुरक्षाबलों की टीम सुरक्षित जंगल से बाहर निकल आई। प्राथमिक जांच में नक्सली की पहचान अरूण उर्फ वरूण मंडावी और धमतरी-गरियाबंद-मैनपुर-नुवापाड़ा संयुक्त डिवीजन कमेटी का होना बताया गया है। दरसअल, बस्तर में लगातार हो रहे नक्सलियों के एनकाउंटर के बाद उनमें बौखलाहट है। फोर्स के दबाव के बाद कई हार्डकोर नक्सलियों ने नगरी-सिहावा के जंगल में शरण लेने की सूचना खुफिया विभाग को मिलती रही है। 

इन इलाकों में बढ़ाई गई सर्चिंग 

एसपी आंजनेय वार्ष्णेय ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने का फरमान भी जारी किया। लेकिन नक्सली सामने नहीं आए। इसलिए मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के बाद कवर के लिए पहुंची टीम ने खल्लारी के आश्रित गांव आमझर, साल्हेभाठ, चमेदा, जोगीबिरदो, गाताबाहरा से लेकर 6 किमी के दायरे में गांवों में सर्चिंग बढ़ा दी है। इसके अलावा फरसगांव पंचायत के आश्रित गांव मुंहकोट, ठोठाझरिया के जंगल में भी फोर्स सर्चिंग करती रही। इसके साथ ही सीआरपीएफ, सीएएफ को अलर्ट कर दिया गया। पड़ोसी थाना बोराई, मेचका, नगरी-सिहावा की टीम को भी बुला लिया गया था। फोर्स को भारी पड़ता देख नक्सली बैकफुट पर चले गए।

विशेष रणनीति बनाकर चल रही पुलिस  

दरसअल, पुलिस ने साल 2025 तक धमतरी जिले को लाल आतंक से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद से नक्सल डीएसपी आरके मिश्रा के नेतृत्व में जंगल में फोर्स आक्रमक हो गई है, यहां तक कि, गांव-गांव जाकर सूचना तंत्र को मजबूत कर दिया गया है। खासकर बारिश के दिनों में नक्सली जंगल से बाहर निकल कर गांवों में शरण लेकर मजदूर बनकर रहते हैं। ऐसे में उन्हें घेरकर मार गिराने के लिए पुलिस विशेष रणनीति बनाकर काम कर रही है। इसलिए नक्सलियों में बौखलाहट है।