बेमेतरा जिले के कई स्कूलों में मातृ-पितृ दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने माता- पिता का विधिवत पूजन कर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के कई स्कूलों में मातृ-पितृ दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने माता- पिता का विधिवत पूजन कर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई। इसका उद्देश्य- बच्चों में माता-पिता के प्रति सम्मान आधार एवं कृतज्ञता की भावना विकसित करना। भारतीय संस्कृति एवं पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच सुदृढ़ संबंध स्थापित करना। नैतिक शिक्षा और संस्कार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है।

खपरी स्कूल में मनाया गया मातृ-पितृ दिवस
शासकीय प्राथमिक शाला खपरी धोबी में मातृ- पितृ पूजन दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थी  ने अपनी माता-पिता का विधिवत पूजन कर उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस  कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से किया गया विद्यार्थियों ने तिलक लगाकर पुष्प अर्पित कर,चरण स्पर्श कर माता-पिता का पूजन किया है। बच्चों ने कविता गीत एवं विचार प्रस्तुत किया। 

बच्चों में पारिवारिक मूल्यों के प्रति बढ़ी जागरूकता
प्रधान पाठक धनेश रजक ने मातृ पितृ सम्मान पर प्रेरक उद्बोधन दिया गया। बच्चों में पारिवारिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ी अभिभावक में विद्यालय के प्रति विश्वास एवं जुड़ाव मजबूत हुआ विद्यालय में सकारात्मक एवं संस्कार युक्त वातावरण निर्मित हुआ। मातृ पितृ पूजन दिवस पर प्रधान पाठक धनेश रजक, प्रभारी प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला तारकेश्वर निर्मलकर, शिक्षक चंद्रशेखर कश्यप, सहायक शिक्षक विजय लक्ष्मी रावत, स्वयं सेवी शिक्षिका गुनिता यामिनी निर्मलकर, सुरेखा सुरेखा निर्मलकर पार्वती निर्मलकर अमोल यादव गोविंद निर्मलकर मुकेश निर्मलकर जितेंद्र निर्मलकर और सभी विद्यार्थी गण उपस्थित रहे।

 माता-पिता स्वयं दुख सहकर बच्चों को खुशी देने का करते हैं प्रयास 
शासकीय हाई स्कूल भेड़नी में मातृ पितृ दिवस मनाया गया। संस्था के प्राचार्य राजकुमार पाटिल ने सर्वप्रथम मां वीणा पाणि सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। प्राचार्य द्वारा बच्चों को मातृ-पितृ पूजन दिवस का महत्व बताया गया। साथ ही चंद्रशेखर तिवारी और शिक्षिका हेमलता साहू ने भी पूजन दिवस पर उद्बोधन दिया। 

 माता-पिता का सम्मान तो हमेशा करना चाहिए
शिक्षिका हेमलता साहू ने कहा कि, माता-पिता का सम्मान तो वैसे साल भर करना चाहिए, लेकिन साल में कोई एक दिन ऐसा होना चाहिए, जो सिर्फ उनको समर्पित हो। इसीलिए मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया जाता है। बच्चों को अपने माता-पिता का सदैव आदर और ध्यान रखना चाहिए। माता-पिता अपने बच्चों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं स्वयं दुख सहकर बच्चों को खुशी देने का प्रयास करते हैं। उनके त्याग और समर्पण के लिए उन्हें हर समय धन्यवाद देना चाहिए। साथ ही शाला में उपस्थित माता-पिता को अपने बच्चों को शिक्षा व संस्कार देने की बात कही। 

इन सभी का रहा विशेष सहयोग 
इस पर सभी बच्चे अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिए। इस कार्यक्रम के लिए समस्त पालकों को शाला में आमंत्रित किया गया था। जिसमें बहुत से पालक उपस्थित हुए छात्रों और शिक्षकों के साथ मातृ पितृ दिवस का उत्सव शाला में मनाया गया। सहायक शिक्षक हिमलेश्वरी देवांगन, पोषण वर्मा और  शिक्षिका लीना साहू ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। 

स्कूल बीजागोड़ में कक्षा पांचवी के बच्चों को दी गई विदाई 
शासकीय प्राथमिक शाला बीजागोड़, विकासखंड साजा में मातृ-पितृ पूजन दिवस श्रद्धा एवं भावनात्मक वातावरण में मनाया गया। बच्चों में संस्कार व परिवारिक मूल्यों का भाव जागृत किया गया। बीजागोड़ में मातृ-पितृ पूजन दिवस का आयोजन कर मातृपितृ पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। 

माता-पिता ही इस धरती के साक्षात भगवान हैं
नवाचारी शिक्षिका चंदा सिन्हा ने कहा कि,  माता-पिता ही इस धरती के साक्षात भगवान है रोज सुबह उठकर सबसे पहले धरती माता और माता-पिता का प्रणाम करना चाहिए। माता-पिता का सदैव आदर करना चाहिए। वह हम सबके लिए पूज्यनीय है। माता-पिता के आशीर्वाद से ही श्रेष्ठ नागरिक बनते हैं। साथ ही कक्षा पाँचवी के बच्चों को उपहार भेंट कर ससम्मान विदाई दी गई।

बच्चों को संस्कारों से जोड़ने का सराहनीय प्रयास
कार्यक्रम में पालकों की उपस्थिति बहुतायत रही है। विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को संस्कारों से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया गया। कार्यक्रम में प्रधान पाठक  विशेषर नेताम, नवाचारी शिक्षिका चंदा सिन्हा सहित विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे की शिक्षा हेतु प्रेरित किया।

माता-पिता हमारे जीवन में प्रकृति की अनुपम उपहार हैं- हिम कल्याणी सिन्हा
शासकीय प्राथमिक शाला अकोला में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम सभी छात्र-छात्राएं माँ सरस्वती की पूजा अर्चना किया। छात्रा भुनेश्वरी ध्रुवे और तुलेश्वरी सेन सरस्वती वंदना प्रस्तुत किए। शाला के प्रधान पाठक हिम कल्याणी सिन्हा सभी का शाला में स्वागत अभिनन्दन की, बच्चें अपने माता-पिता का आरती उतारकर तिलक लगाकर, पुष्प हार पहनाये और उनके चरणों की वंदना किया।  

बच्चों को मातृ-पितृ दिवस के बारे में जानकारी दी गई
हिम कल्याणी सिन्हा ने बताया कि, हमें अपने माता -पिता और बड़ो का सदैव सम्मान करना चाहिए। यह पूजन न केवल एक दिन के लिए है बल्कि हमारे अंतरआत्मा में अपने माता पिता के प्रति निरंतर आदर, सम्मान की भावना विद्यमान होना चाहिए, क्योंकि माता पिता ही वह शख्स है जो कभी अपने बच्चों का अहित नहीं सोचते, दिनरात मेहनत कर अपने संतान को अच्छी परवरिश, जिन्दगी देने का प्रयास करते है, उन्होंने शाला में चलचित्र के माध्यम से भी बच्चों को माता- पिता के सम्मान पर आधारित प्रेरणादायी कहानी दिखाई। 

ये लोग रहे मौजूद 
इस अवसर पर रामकुवर ठाकुर, सतरूपा ध्रुव, बालेश्वर विश्वकर्मा, हेमलता विश्वकर्मा, कांति साहू, बीना साहू, प्रीति साहू सभी उपस्थित रही।