लीक हुआ पेपर : इंदिरा गांधी कृषि विवि की जांच में साबित, छात्रों पर भी होगी एफआईआर

Indira Gandhi Agricultural University
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इंदिरा गांधी कृषि विवि
कृषि विवि में सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही है। परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र लीक होने और दूसरे दिन लीक पर्चे से 80 फीसदी सवाल हूबहू पूछे जाने की बात सामने आई थी। अब कमेटी ने भी यह बात मान ली है।

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विवि की आंतरिक जांच कमेटी ने यह मान लिया है कि प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे विवि प्रशासन को सौंपे जाने के बाद जांच के लिए एफआईआर की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, उन छात्रों पर भी एफआईआर की तैयारी है, जिन्होंने इसे अपने व्हॉट्सएप ग्रुप में वायरल किया अथवा एक से दूसरे छात्रों को भेजा। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, कमेटी ने वायरल हुए हस्तलिखित प्रश्नपत्र और परीक्षा केंद्र में छात्रों को बांटे गए प्रश्नपत्रों का मिलान किया। इसमें पाया गया कि शुक्रवार को जो प्रश्नपत्र वायरल हुए थे, उससे 70 से 80 प्रतिशत तक सवाल शनिवार की परीक्षा में पूछे गए थे।

वहीं अन्य विषयों के वायरल पर्चे में से 20 से 30 फीसदी सवाल पूछे जाने की बात सामने आई है। गौरतलब है कि, हरिभूमि ने पहले ही यह बता दिया था कि वायरल प्रश्नपत्र में से 80 फीसदी तक सवाल पूछे गए हैं। अब कमेटी ने भी यह बात मान ली है। हालांकि अब तक विवि प्रशासन द्वारा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक जीके दास के नेतृत्व में यह पांच सदस्ययी कमेटी गठित की गई है। हैंडराइटिंग अलग-अलग हस्तलिखित प्रश्नपत्रों में हैंडराइटिंग अलग-अलग है। अर्थात एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा इसे लिखा गया है। रविवार को वायरल हुए प्रश्नपत्र और चैट के स्क्रीनशॉट भी हरिभूमि के पास हैं। इसमें छात्र ना सिर्फ एक विषय बल्कि अन्य विषयों के प्रश्नपत्रों का भी जुगाड़ करने की बात कह रहे है।

रविवार से ग्रुप में घूम रहे थे बुधवार के पर्चे

पुराने प्रश्नपत्रों के लीक होने के मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है और दूसरी ओर बुधवार को हुई परीक्षा को लेकर फिर से बवाल हो गया बीएससी एग्रीकल्चर के द्वितीय वर्ष की प्रथम सेमेस्टर की जेनेटिक्स विषय की परीक्षाएं बुधवार को कृषि विवि ने ली। इसके हस्तलिखित प्रश्नपत्र रविवार से ही व्हॉट्सएप ग्रुप में वायरल और शेयर किए जा रहे थे। एनएसयूआई का आरोप है कि जब दोनों का मिलान किया गया तो आधे से अधिक सवाल एक जैसे पाए गए। पार्ट-डी के सवाल क्रमांक-1,2,4,5 और 7, पार्ट-सी के सवाल क्रमांक 3, 6, 8 और 10 तथा पार्ट-बी के सवाल क्रमांक 6 और १ रविवार को वायरल प्रश्नपत्र से पूछे गए हैं।

दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ एफआईआर

कृषि विवि के जनसंपर्क अधिकारी संजय नैय्यर ने बताया कि, यदि पेपर लीक की बात सही पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अन्यथा दुष्प्रचार करने वालों के विरुद्ध कृषि विवि द्वारा एफआईआर करवाई जाएगी।

बुधवार के पर्चे भी लीक

एनएसयूआई के सचिव शुभम शर्मा ने बताया कि, विवि ने बुधवार को लिए गए जेनेटिक्स विषय के हस्तलिखित प्रश्नपत्र भी ग्रुप में रविवार से मौजूद हैं। विवि प्रबधंन द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। यदि गड़बड़ी नहीं रुकी तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे।

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