मैनपुर।आज कोई भी व्यक्ति बिजली के बगैर जिंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकता लेकिन छत्तीसगढ़ प्रदेश के गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत ओड़िशा सीमा से लगे दर्जन भर से ज्यादा आदिवासी बहुल्य गांव पाराटोला ऐसे है जहां राज्य निर्माण के 26 वर्षों बाद भी बिजली की रौशनी नहीं पहुंची है और घनघोर जंगल के अंदर ग्रामीण अंधेरे में लालटेन के सहारे जीवन यापन करने मजबूर हो रहे हैं।
सबसे आश्चर्य की बात यह है कि ओड़िशा सीमा से लगे मैनपुर विकासखण्ड के ग्राम गरीबा कोदोमाली गौरगांव और आसपास के दर्जनों ग्रामों से शाम होते ही अंधेरे के आगोश में समा जाते हैं और यहां के ग्रामीणों को लालटेन की रोशनी में जीवन यापन करना पड़ता है। ठीक इसके विपरित हमारे क्षेत्र से लगे ओड़िसा के ग्रामों में बिजली की रौशनी चमकते दिखाई देते है। हमारे क्षेत्र के ग्रामों में आज तक बिजली नहीं लग पाई है। ग्राम गरीबा से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर ओड़िशा प्रदेश के पहला ग्राम धरमपुरा पड़ता है जहां चकाचक बिजली की रौशनी शाम होते ही दिखाई देती है ठीक इसके विपरीत हमारे गरियाबंद जिले के अंतिम छोर में बसा एक दर्जन से ज्यादा ग्रामों में आज तक बिजली नहीं लगाई जा सकी है।
डबल इंजन की सरकार बनने से अब इन गांवों में बिजली पहुंचने की उम्मीद
हरिभूमि की टीम ने ओड़िशा सीमा से लगे बिजली विहीन ग्राम भुतबेड़ा, कुचेंगा, मोतीपानी, गरीबा, भाठापानी, कोदोमाली, साहेबिनकछार, नागेश, करलाझर, गौरगांव, लाटापारा, गरहाडीह आदि ग्रामों का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया की मैनपुर मुख्यालय से लगभग 35 से 40 किमी की दूरी पर ओड़िशा सीमा पर यह गांव या इनके पाराटोला बसा हुआ है। जहां आज तक बिजली नहीं लग पाई है। इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने बिजली लगाने की मांग को लेकर दर्जनों बार आंदोलन चक्काजाम तक कर चुके है सौर ऊर्जा लगाया गया है लेकिन उसकी स्थिति बेहद ही खराब हो चुकी है। इस क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को लालटेन की रौशनी पढ़ाई लिखाई करना मजबूरी बन गया है। पंखा कूलर टीवी आज भी लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं है। बिजली के बगैर इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विधायक ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र
बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव ने बताया कि बिजली विहीन ग्रामों में बिजली लगाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को स्वयं मांगपत्र सौप चुका हूं और इन ग्रामों का सर्वे भी हो चुका है। उम्मीद है इस दिशा में राज्य सरकार कोई ठोस कदम उठायेगी।
आंदोलन की तैयारी में ग्रामीण
जिला पंचायत गरियाबंद के सदस्य संजय नेताम ने बताया की राजापड़ाव गौरगांव क्षेत्र के बिजली विहीन ग्रामों में बिजली लगाने की मांग को लेकर कई बार आंदोलन चक्काजाम यहां तक की जिला मुख्यालय गरियाबंद तक पदयात्रा कर चुके हैं। उन्होने कहा की इन ग्रामों में बिजली लगाने के लिए आंदोलन की जरूरत पड़ेगी तो फिर आंदोलन किया जायेगा। श्री नेताम ने कहा की वे हमेशा से इस क्षेत्र के समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष कर रहे है और उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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