कमालुद्दीन अंसारी- कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के एक गांव में हाथी की प्राचीन मूर्ति मिली है। सोनहत ब्लाक के सिंघोर ग्राम पंचायत में उक्त हाथी की मूर्ति मिली है। बताया जा रहा है कि, हाथी की वह मूर्ति करीब 70-80 साल से गुम थी। मूर्ति अब गांव के बांध से मिली है।
मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को उक्त मूर्ति मिली। टेडिया बांध से रात के समय मिली इस मूर्ति के बाद पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। एहतियात के तौर पर मूर्ति की फोटो और वीडियो लेने पर रोक लगा दी गई है।
कोरिया- सोनहत ब्लाक के सिंघोर ग्राम पंचायत में एक बांध से दशकों पहले लापता हाथी की मूर्ति अचानक मिल गई है। गांव में उत्साह का वातावरण है। @KoreaDist #Chhattisgarh #Elephants pic.twitter.com/NGaBmcb7kZ
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) February 23, 2026
प्रशासन पहुंचा गांव
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनहत के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। उन्होंने टेडिया बांध स्थल का भी निरीक्षण किया, जहां से मूर्ति मिलने की बात सामने आई है। प्रशासन अब मूर्ति की सुरक्षा, स्थापना और उसकी प्राचीनता को लेकर जांच की तैयारी में जुट गया है।
कोरिया- सोनहत ब्लाक के सिंघोर ग्राम पंचायत में एक बांध से दशकों पहले लापता हाथी की मूर्ति अचानक मिल गई है। गांव में उत्साह का वातावरण है। @KoreaDist #Chhattisgarh #Elephants pic.twitter.com/P91SEAIN4l
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हाथियों को लेकर गांव में मान्यता
ग्रामीणों के अनुसार वर्षों पहले जंगल में बने एक स्थान से यह मूर्ति गायब हो गई थी। सिंघोर गांव में हाथी की पूजा की परंपरा भी रही है और मान्यता है कि, आसपास के गांवों में हाथियों का दल नुकसान पहुंचाता है, मूर्ति से जुड़े कई किस्से चर्चा का विषय बने हुए है लेकिन सिंघोर में कभी कोई हानि नहीं होती। ऐसे में मूर्ति के मिलने से आस्था और उत्साह दोनों चरम पर हैं।









