प्रविंद्र सिंह- कोरिया। जिले के ग्राम पंचायत सलका में ‘नारी अदालत’ का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायत मनसुख एवं ग्राम पंचायत सलका में गठित नारी अदालत की सदस्यों के लिए आयोजित किया गया। उक्त अदालत का गठन कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी एन.एस. रावटे के मार्गदर्शन में किया गया है।
‘नारी अदालत’ मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से जुड़े शोषण, घरेलू हिंसा, अधिकारों में कटौती एवं अन्य सामाजिक मुद्दों के समाधान हेतु प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध कराना है।
नारी अदालत महिलाओं का एक सशक्त समूह
नारी अदालत महिलाओं का एक सशक्त समूह है, जिसमें समाज एवं शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय महिलाएं शामिल हैं। यह समूह विवादों के समाधान, परामर्श, साक्ष्यों के आधार पर निर्णय, आपसी सहमति से मध्यस्थता एवं सुलह, तथा महिलाओं को उनके अधिकारों एवं शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगा। इसके माध्यम से त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
महिला अधिकारों पर आएगी जागृति
नारी अदालत के संचालन से समाज में महिलाओं के अधिकारों, कानूनी विकल्पों और शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना एवं लैंगिक आधारित हिंसा के मामलों में पीड़ित महिलाओं को सहयोग प्रदान करने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक, संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख), जेंडर विशेषज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।