पंकज गुप्ते - बिलासपुर। अविभाजित मध्यप्रदेश में दिग्विजय सरकार के समय डिप्टी सीएम रहे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्यारे लाल कंवर के परिवार की चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। 2021 में हुए इस दर्दनाक हत्याकांड में पांच आरोपियों को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे लेकर हाईकोर्ट में अपील की गई थी।
हाईकोर्ट का फैसला
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत के फैसले में संशोधन करते हुए दो आरोपियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। वहीं, तीन आरोपियों को साबित आरोपों की कमी और संदेह के लाभ के आधार पर बरी कर दिया गया है। एडवोकेट राजीव दुबे के अनुसार, कोर्ट ने सबूतों की विवेचना के बाद यह निर्णय लिया।
2021 की दर्दनाक घटना
यह वारदात 2021 में सामने आई थी, जब प्यारे लाल कंवर के बेटे हरीश कंवर, उनकी पत्नी और चार साल की मासूम बेटी की निर्दयतापूर्वक हत्या कर दी गई थी। इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे कोरबा जिले में सनसनी फैला दी थी और सामाजिक-पारिवारिक स्तर पर भी यह घटना लंबे समय तक चर्चा में रही।
जमीन और मुआवजे के विवाद से जुड़ा था हत्या का मामला
जांच में खुलासा हुआ था कि परिवार के भीतर जमीन और मुआवज़े को लेकर चल रहे विवाद ने इस खूनी साजिश को जन्म दिया। आरोप था कि परिवार के ही बड़े बेटे, उसकी पत्नी, साले और उनके साथियों ने मिलकर इस योजना को अंजाम दिया था। निचली अदालत ने सभी पांचों को दोषी मानकर उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
निचली अदालत से हाईकोर्ट तक कानूनी लड़ाई
सजा के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने सभी पहलुओं की विस्तृत सुनवाई के बाद दो आरोपियों की सजा सही मानी, जबकि तीन को सबूतों की कमी के कारण रिहा कर दिया।