खरोरा के पीएम श्री भरत देवांगन स्कूल के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण में ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों का दौरा कर संस्कृति, इतिहास और प्रकृति से जुड़ा ज्ञान प्राप्त किया।

सूरज सोनी- खरोरा। पीएम श्री भरत देवांगन शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी-अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय, खरोरा के विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक ज्ञान से समृद्ध करने के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिवरीनारायण, तुरतुरिया, और जिला बलौदाबाजार-भाटापारा की तहसील अंतर्गत ग्राम हसुवा स्थित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया गया।

इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय इतिहास, संस्कृति एवं धार्मिक महत्व से परिचित कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इन स्थलों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, धार्मिक मान्यताओं तथा प्राकृतिक सौंदर्य के बारे में जानकारी प्राप्त की, जिससे उनके ज्ञान में वृद्धि हुई।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण 
विद्यालय की प्राचार्य रजनी मिंज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि, कक्षा के बाहर सीखने के ऐसे अवसर विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं और उनकी जिज्ञासा को बढ़ाते हैं।

ऐसे स्थल विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी
वहीं, विद्यालय की वरिष्ठ व्याख्याता शाहिना परवीन ने अपने उद्बोधन में कहा कि, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का प्रत्यक्ष अवलोकन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी होता है। इससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक अनुभव प्राप्त होता है।विद्यार्थियों को किया प्रेरित 
सेवानिवृत्त व्याख्याता डोमार सिंह यादव ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि, ऐसे भ्रमण से न केवल ज्ञानवर्धन होता है, बल्कि विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति और विरासत के प्रति सम्मान की भावना भी विकसित होती है।

यात्रा को बनाया सफल और ज्ञानवर्धक 
इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यालय के शिक्षकगणों का भी विशेष योगदान रहा, जिन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए यात्रा को सफल एवं ज्ञानवर्धक बनाया। विद्यार्थियों ने भी इस भ्रमण का भरपूर आनंद लिया और इसे अपने लिए एक यादगार अनुभव बताया।

ये रहे उपस्थित 
इस अवसर में प्राचार्य रजनी मिंज, वरिष्ठ व्याख्याता शाहिना परवीन, सेवानिवृत्त व्याख्याता डोमार सिंह यादव, योगेंद्र त्रिपाठी, जगदेव सिंह बंजारे, रुपशिखा साहू, अंकृति भिड़े, नदीश साहू, लुकेश्वर उइके, निकिता वर्मा, नीलम वर्मा, कल्याणी साहू, यश अमलानी और समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।