अनिल सामंत- जगदलपुर। नक्सलवाद के खिलाफ देश की सबसे बड़ी कार्रवाई की ओर भारत सरकार ने एक बड़ा कदम बढ़ाया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई ताज़ा सूची के अनुसार अब देशभर में केवल 6 जिले ही नक्सल प्रभावित माने गए हैं। इस सूची में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सिर्फ तीन जिले-सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर शामिल हैं, जबकि शेष जिलों को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह फैसला नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
भारत सरकार की नई सूची के अनुसार छत्तीसगढ़ में बस्तर के तीन जिलों के अलावा गरियाबंद जिला को भी नक्सल प्रभावित माना गया है। वहीं, अन्य दो जिले दूसरे राज्यों से शामिल किए गए हैं। इस तरह कुल 6 जिलों को अंतिम और निर्णायक नक्सल विरोधी अभियान के लिए पूरी तरह से आइडेंटिफाई कर लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इन इलाकों में अब 'फाइनल ऑपरेशन' की रणनीति पर काम शुरू हो चुका है।
सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट जारी
इस संबंध में सुंदरराज पी, आईजी बस्तर रेंज ने बताया कि बस्तर के तीनों नक्सल प्रभावित जिलों को जल्द ही नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट जारी कर दिया गया है और इन इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा एंटी नक्सल ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है।
अब नक्सलवाद के पूरी तरह खात्मे की उम्मीद
उधर, बस्तर संभाग के शेष जिलों को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में उत्साह का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि, यह निर्णय बस्तर में विकास, निवेश और सामान्य जनजीवन की वापसी के लिए मील का पत्थर साबित होगा। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रणनीति से अब नक्सलवाद के पूरी तरह खात्मे की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
